ED: एमवे इंडिया ने 4000 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की; देश के बाहर स्थित खातों में भेजा, चार्जशीट दायर
ED: एजेंसी ने अमवे इंडिया इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ हैदराबाद स्थित विशेष पीएमएलए (धनशोधन रोकथाम अधिनयिम) अदालत में सोमवार को चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी के बयान में कहा गया है कि अदालत ने अभियोजन पक्ष की चार्जशीट पर संज्ञान लिया है।
विस्तार
भारत में मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) के जरिए कारोबारी करने वाली कंपनी एमवे इंडिया ने 4000 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की और इसका एक बड़ा हिस्सा देश के बाहर स्थित बैंक खातों में भेजा गया। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तण निदेशालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पीएमएलए की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल
एजेंसी ने एमवे इंडिया इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ हैदराबाद स्थित विशेष पीएमएलए (धनशोधन रोकथाम अधिनयिम) अदालत में सोमवार को चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी के बयान में कहा गया है कि अदालत ने अभियोजन पक्ष की चार्जशीट पर संज्ञान लिया है।
कंपनी पर लोगों को लालच देकर ठगी करने का आरोप
ईडी की ओर से दर्ज किया गया धनशोधन का यह मामला एमवे और उसके निदेशकों के खिलाफ तेलंगाना पुलिस की ओर से दर्ज किए गए कई मामलों से उपजा है। ईडी ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने माल की बिक्री की आड़ में पैसों का गलत तरीके से सर्कुलेशन किया। लोगों को बड़ा कमीशन और प्रोत्साहन राशि का लालच दिया गया और उनके साथ ठगी की गई। दूसरी ओर, कंपनी की ओर से कहा गया है कि वह कानून का पालन कर रही है।
कंपनी बोली- हम कानून का पालन कर रहे, जांच में कर रहे सहयोग
एमवे के एक प्रवक्ता ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर चार्जशीट 2011 की जांच से संबंधित है और तब से हम उसके के साथ सहयोग कर रहे हैं और समय-समय पर मांगी गई सभी सूचनाओं को एजेंसी से साझा किया है।
2859 करोड़ रुपये देश के बाहर स्थित खातों में भेजे गए
ईडी ने कहा है कि एमवे ने ठगी करके कमीशन के तौर पर कुल 4,050 करोड़ रुपये की आमदनी की। इनमें से 2,859 करोड़ रुपये की राशि देश के बाहर स्थित खातों में भेज दिया गया। यह राशि राशि लाभांश, रॉयल्टी और अन्य खर्चों के नाम पर देश के बाहर भेजा गया।