अमर उजाला संवाद: पंजाब के वित्त मंत्री बोले- हमने सरकारी खजाने में लीकेज बंद किया, कोई नया टैक्स नहीं लगाया
अमर उजाला संवाद - पंजाब के तहत 'जुनून पंजाब का' विषय पर हुए सत्र में पंजाब के उद्योग मंत्री हरपाल सिंह चीमा, केपीएमजी कंसल्टिंग सर्विस के ऑफिस मैनेजिंग पार्टनर अतुल गांधी और ड्यूक फैशंस इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन कोमल कुमार जैन ने अपने विचार रखे।
विस्तार
डेढ़ साल में पंजाब सरकार के खजाने को दोबारा भरने के कैसे प्रयास किए? कर्ज को कैसे कम करेंगे?
हरपाल सिंह चीमा: पंजाब में हमारे बच्चों को जो अच्छा माहौल दिया जाना था, उसमें पिछली सरकारें बुरी तरह नाकाम रहीं। हमारी सरकार ने पंजाब के खजाने को मजबूत करने के लिए काम किया। हमने पहले ही साल में लगभग 30 हजार नई नौकरियां दीं। भाई-भतीजावाद हमने खत्म किया। पंजाब के अस्थायी यानी 13 हजार कच्चे टीचर को हमने पक्का किया। हम ईमानदारी से काम कर रहे हैं। पंजाब में एक्साइज नीति आई। इससे राजस्व 45 फीसदी बढ़ा। हमने पंजाब पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया। खजाने में लीकेज को बंद किया। जो विधायक यहां पांच बार जीतता था तो उसे पांच पेंशन मिलती थी, हमने इसे एक किया। इससे पैसा बचा। हम छोटी बचत करके आमदनी बढ़ा रहे हैं। पहले छह-छह महीने मुख्यमंत्री के पास फाइलें लंबित रहती थीं। अब इथेनॉल के कारखानों को मंजूरी देने की फाइल हमने दिन में भेजी और शाम को मुख्यमंत्री जी ने उस पर दस्तखत कर दिए।
आपके समय में स्टार्टअप जैसे शब्द नहीं थे, लेकिन आपने काम बड़ा किया। युवा आपसे प्रेरणा लेना चाहते हैं। आपकी यात्रा के बारे में बताइए।
कोमल कुमार जैन: आज से साठ साल पहले 1962 में अंबाला से मैट्रिक करके लुधियाना चला गया। मेरे पिताजी की तबीयत उस वक्त ठीक नहीं रहती थी। मां ने मुझे जबर्दस्ती भेजा। एक विजन के चलते 10वीं पास बच्चे को घर से बाहर भेजा। लुधियाना में मैंने मौसाजी के साथ तीन साल लगाए। होजियरी का काम कैसे होता है, यह सीखा। छह महीने मैं लुधियाना और छह महीने कलकत्ता रहता था। हर जगह छोटी-छोटी चीजें सीखें। तीन साल बाद जब मैं 18-19 साल का था तब मैंने होजियरी की एक छोटी यूनिट लगाई। पिताजी का कुछ महीनों बाद निधन हो गया। हौसला इतना बुलंद था कि थोड़ा-थोड़ा करके काम बढ़ाया। कलकत्ता जाना छोड़कर लुधियाना आकर कपड़ों का काम शुरू किया। हमने सोचा कि क्यों न यहां टी-शर्ट बनाई जाएं। छोटे भाई को मैंने पढ़ाई नहीं छोड़ने दी। उसने सीए का कोर्स पूरा किया। आज साठ साल हो गए, आज ड्यूक का ब्रांड भारत के कोने-कोने में उपलब्ध है। हमने यही सोचा कि कीमत सही रहे, क्वालिटी अच्छे रहे। कम रेट में अच्छी गुणवत्ता के कपड़े बनाए। पांच सौ शहरों तक हमने ड्यूक की टी-शर्ट पहुंचाई। स्टार्टअप्स का भी काम यही है। नए काम को अच्छे से किया जाए तो वह आगे बढ़ेगा। आज सरकारें बहुत साथ दे रही है। लुधियाना में इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। एयरपोर्ट का काम रुका पड़ा है।
पंजाब में और क्या सुधार करने की जरूरत है?
अतुल गांधी: पंजाब में 81.7% इंटरनेट पेनिट्रेशन है। रेल कनेक्टिविटी हमारी दोगुनी है। रोड कनेक्टिविटी भी 100% है। ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस में हम टॉप अचीवर हैं। 'इन्वेस्ट पंजाब' सम्मेलन सफल रहा था। नीति आयोग की इनोवेशन की सूची में छठवें स्थान पर हैं। भारत में ऊन का 95% कारोबार पंजाब से जुड़ा है। वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स के मामले में सुधार हो रहा है। पंजाब एक खर्च करने वाला राज्य है। अगर हम कर संग्रह का आंकड़ा देखें तो वह खर्च से मिलान नहीं करता। राज्य की विकास दर छह फीसदी है। लोग कहते हैं कि अगला इन्फोसिस पंजाब से आएगा।
सरकारों को उद्योगों के लिए और क्या करना चाहिए? डेयरी जैसे कुछ उद्योगों के प्रंस्करण की सुविधा नहीं है।
हरपाल सिंह चीमा: हमने कई एनओसी को खत्म किया है। उद्योग लगाना वाले नौजवानों को सरकार हर सुविधा देने को तैयार है। जब उद्योग आएंगे, तब पंजाब आगे बढ़ेगा। पंजाब में मोटा अनाज से जुड़े उद्योगों को हम मजबूत करने का काम कर रहे हैं।
कोई एक नीतिगत बदलाव बताना चाहते हैं जो तुरंत होना चाहिए?
कोमल कुमार जैन: कनेक्टिविटी और बढ़ाने की जरूरत है। लुधियाना जैसे शहरों में ट्रैफिक की दिक्कत है। 10 मिनट की दूरी 40 मिनट में तय हो रही है। एयर कनेक्टिविटी भी बढ़नी चाहिए।