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एयर इंडिया को झटका: इलकर आयशी ने ठुकराया सीईओ बनने का प्रस्ताव, यहां जानें इसकी बड़ी वजह
Tue, 01 Mar 2022 01:55 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Tue, 01 Mar 2022 01:55 PM IST
सार
Ilker Ayci Has Declined Tata Groups Offer: एयर इंडिया की ओर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बीती 14 फरवरी को एयर इंडिया के नए सीईओ के रूप में इलकर आयशी की टाटा संस की ओर से नियुक्ति की घोषणा के बाद अब उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
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इलकर आयशी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
69 साल बाद टाटा संस की झोली में वापस आने के बाद से एयर इंडिया में बदलावों का जो सिलसिला शुरू हुआ, उसे मंगलवार को एक बड़ा झटका लगा है। घर वापसी के बाद टाटा की ओर से तुर्की एयरलाइंस के पूर्व अध्यक्ष इलकर आयशी की नियुक्ति की मंजूरी दी गई थी। लेकिन अब विमानन उद्योग के सूत्रों के हवाले एक रिपोर्ट में बताया गया कि उन्होंने एयर इंडिया के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
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14 फरवरी को हुई थी नियुक्ति
रिपोर्ट में हालांकि, इस इनकार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन दावा किया गया है इलकर आयशी ने एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक बनने के टाटा समूह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। गौरतलब है कि बीती 14 फरवरी को टाटा संस ने एयर इंडिया के सीईओ के रूप में आयशी की नियुक्ति की घोषणा की थी। इस फैसले के बाद आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने कहा था कि सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलकर अयाशी की नियुक्ति को मंजूरी नहीं देनी चाहिए।
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इनकार की हो सकती है ये वजह
नियुक्त किए जाने के बाद से ही इलकर आयशी पर जांच की तलवार लटकी हुई थी। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्थापित परंपरा के अनुरूप भारत में अहम पदों पर नियुक्त होने वाले सभी विदेशी नागरिकों की पृष्ठभूमि का परीक्षण किया जाता है और आयशी के मामले में भी ऐसा ही होना था। इस बीच एक अन्य रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि आयशी तुर्की के राष्ट्रपति तईप एर्दोगन के सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं, जिन्हें पाकिस्तान का सहयोगी माना जाता है। ये मामले भी उनके इनकार की वजह हो सकते हैं।
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इस्तांबुल में हुआ था आयशी का जन्म
गौरतलब है कि 51 वर्षीय के इलकर आयशी का जन्म 1971 में इस्तांबुल में हुआ था। उन्हें साल 2015 में टर्किश एयरलाइन का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। सात साल तक अपनी सेवाएं देने के बाद बीती 26 जनवरी 2022 को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद अब उन्हें एयर इंडिया की कमान सौंपी गई है। उन्होंने 1994 में बिल्केंट यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट ऑफ पॉलिटिकल साइंस एंड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में अपनी पढ़ाई पूरी की है।
ऊंचे ओहदों पर रहे काबिज
1995 में आयशी ने इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी में पॉलिटिक साइंस पर एक रिसर्च प्रोजेक्ट किया था और उसके 1997 में उन्होंने इस्तांबुल की मरमारा यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस मास्टर प्रोग्राम पूरा किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आयशी टर्किश फुटबॉल फेडरेशन, टर्किश एयरलाइंस स्पोर्ट क्लब और टीएफएफ स्पोर्टिफ एनोनिम सिरकेटी के बोर्ड मेंबर हैं। इसके साथ ही वह कनाडाई तुर्की बिजनेस काउंसिल और यूएस-तुर्की बिजनेस काउंसिल के सदस्य भी हैं। जनवरी 2011 में उन्हें तुर्की निवेश समर्थन और संवर्धन एजेंसी गणराज्य के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था।