फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   AI can take the Indian economy to 8pc growth rate, NITI Aayog presented a roadmap

NITI Aayog: भारतीय अर्थव्यवस्था को आठ फीसदी विकास दर पर ले जा सकता है एआई, नीति आयोग ने पेश किया रोडमैप

Mon, 15 Sep 2025 12:09 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Mon, 15 Sep 2025 12:09 PM IST
सार

नीति आयोग और निति फ्रंटियर टेक हब ने भारतीय अर्थव्यवस्था में एआई की भूमिका को लेकर रिपोर्ट जारी की है।  रिपोर्ट के अनुसार, एआई अपनाने से भारत 2035 तक अनुमानित 6.6 ट्रिलियन डॉलर के जीडीपी को बढ़ाकर 8.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा सकता है। इसमें कहा गया है कि आठ प्रतिशत की विकास दर हासिल करने के लिए, देश को उत्पादकता और नवाचार, दोनों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना होगा।

विज्ञापन
AI can take the Indian economy to 8pc growth rate, NITI Aayog presented a roadmap
नीति आयोग और निति फ्रंटियर टेक हब - फोटो : ANI

विस्तार

नीति आयोग और निति फ्रंटियर टेक हब ने सोमवार को एक विस्तृत रिपोर्ट जारी कर एआई को भारत की अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक साधन बताया। रिपोर्ट 'विकसित भारत के लिए एआई: त्वरित आर्थिक विकास के अवसर' में यह विजन दिखाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एआई अपनाने और रिसर्च व डेवलपमेंट (आरएंडडी) में बदलाव के जरिए भारत 2035 तक अनुमानित 6.6 ट्रिलियन डॉलर के जीडीपी को बढ़ाकर 8.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा सकता है। यह एआई की मदद से विकास अंतर का लगभग आधा हिस्सा पूरा करने में संभाव होगा। 

विज्ञापन


नीति आयोग की एआई रिपोर्ट जारी करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम ऐसे नियमन नहीं चाहते जो नवाचारों को खत्म कर दें। उन्होंने कहा कि एआई को बेहतर शहरों के लिए समाधान देने में मदद करनी चाहिए।
विज्ञापन


इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआई जीवन के हर पहलू को मौलिक रूप से बदलने जा रहा है। उन्होंने भारत के लिए एआई प्रौद्योगिकियों को विकसित करने और अपनाने में अग्रणी होने के महत्व पर बल दिया। मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एआई हाल के दशकों में सबसे बड़े तकनीकी परिवर्तन के रूप में उभरा है और इसका प्रभाव इंटरनेट के समान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि आज: क्या इस बार भी नहीं बढ़ेगी समयसीमा? सोशल मीडिया पर चर्चा के बीच मिला संकेत

आठ प्रतिशत विकास दर का लक्ष्य

रिपोर्ट में कहा गया है कि आठ प्रतिशत की विकास दर हासिल करने के लिए, देश को उत्पादकता और नवाचार, दोनों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना होगा। नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि एआई आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर के लिए निर्णायक लीवर हो सकता है। 

बैंकिंग और विनिर्माण क्षेत्र में एआई

उन्होंने कहा कि अगर उद्योग केंद्रित और सेक्टर-विशेष दृष्टिकोण अपनाया जाए तो बैंकिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में अभी से एआई का इस्तेमाल कर कार्यकुशलता, सेवा गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे आगे चलकर बड़े स्तर पर परिवर्तन की गति मिलेगी।

विश्लेषण में दो बड़े अवसरों को रेखांकित किया गया है, पहला, उद्योगों में एआई अपनाने की रफ्तार बढ़ाना। इससे 30-35 प्रतिशत तक अतिरिक्त वृद्धि संभव है। दूसरा, जेनरेटिव एआई के जरिए अनुसंधान और विकास (R&D) को बदलना, जो 20-30 प्रतिशत तक योगदान दे सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, बैंकिंग और विनिर्माण जैसे क्षेत्र सबसे पहले लाभान्वित हो सकते हैं। वित्तीय सेवाओं में एआई से ग्राहकों को हाइपर-पर्सनलाइज्ड अनुभव, उन्नत धोखाधड़ी रोकथाम और अधिक समावेशी ऋण सुविधा उपलब्ध होगी। अनुमान है कि इससे 2035 तक 50-55 अरब डॉलर का अतिरिक्त मूल्य जुड़ सकता है। विनिर्माण क्षेत्र में एआई आधारित उत्पादकता वृद्धि, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और स्मार्ट प्रोडक्ट डिजाइन से 85 से 100 अरब डॉलर तक का अतिरिक्त मूल्य जोड़ा जा सकता है।

फ्रंटियर इनोवेशन को बढ़ावा देने पर जोर 

सिर्फ अपनाने तक सीमित न रहकर, रिपोर्ट फ्रंटियर इनोवेशन को बढ़ावा देने पर भी जोर देती है। इसमें एआई-सक्षम ड्रग डिस्कवरी, सॉफ्टवेयर-असिस्टेड व्हीकल्स और नेक्स्ट-जनरेशन ऑटो कंपोनेंट्स को भविष्य के विकास इंजन के रूप में चिन्हित किया गया है।



फार्मास्युटिकल क्षेत्र में एआई से दवा खोजने की लागत 30% तक घट सकती है और समय सीमा 80% तक कम हो सकती है। इससे भारत केवल जेनेरिक दवाओं पर निर्भर बाजार से निकलकर इनोवेशन-ड्रिवन लीडरशिप की ओर बढ़ सकेगा।

ऑटोमोबाइल क्षेत्र का स्मार्ट रोडमैप

ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए रोडमैप में 2035 तक भारतीय सड़कों पर 1.8 से 2 करोड़ सॉफ्टवेयर-असिस्टेड वाहनों की परिकल्पना की गई है। इन्हें स्मार्ट कॉरिडोर और डिजिटल टेस्टिंग पार्क का सहारा मिलेगा। ऐसे नवाचारों से 20-25 अरब डॉलर का निर्यात लाभ और आयात प्रतिस्थापन संभव हो सकता है। इससे भारत को 20-25 अरब डॉलर का निर्यात फायदा होगा और आयात पर निर्भरता भी घटेगी।



विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed