RBI: बैंकों के बाद अब फिनटेक कंपनियां छोटे व्यक्तिगत कर्ज में करेंगी कटौती, आरबीआई ने दी थी चेतावनी
विश्लेषकों का मानना है कि बैंकों और एनबीएफसी के इस फैसले से कर्ज बांटने की दर घटकर 12-14 फीसदी पर आ सकती है, जो अभी 15 फीसदी है। मैक्वायरी ने कहा, बैंक की वृद्धि और संपत्ति की गुणवत्ता यानी एनपीए पर नियामकीय निगरानी बढ़ गई है।
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बड़े बैंकों व गैर-बैंक कर्जदाताओं ने अपने फिनटेक भागीदारों से छोटे व्यक्तिगत कर्ज में कटौती करने को कहा है। सूत्रों ने कहा कि आरबीआई के हालिया चेतावनी के बाद यह कदम उठाया गया है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि छोटे व्यक्तिगत कर्ज आगे डूब सकते हैं।
करीब एक दर्जन फिनटेक को कर्ज देने वाले एक निजी बैंक के अधिकारी ने कहा, आरबीआई के बाद के फैसले से यह कदम उठाना पड़ा रहा है। आगे और बैंक भी यह कदम उठा सकते हैं। हमने अपने फिनटेक भागीदारों से कहा है कि हम 50,000 रुपये से कम कर्ज श्रेणी में मौजूद नहीं रहना चाहते हैं। आरबीआई ने पिछले महीने ऐसे कर्ज के लिए ज्यादा पूंजी अतिरिक्त रखने के लिए नियमों को सख्त कर दिया था। एक अन्य बैंक के अधिकारी ने कहा, हम अपने फिनटेक भागीदारों को दी जाने वाली फंडिंग में पूरी तरह कटौती नहीं करेंगे। लेकिन, उन्हें छोटे व्यक्तिगत कर्ज को बेहिसाब तरीके से बांटने पर रोक लगाने का निर्देश देंगे।
घटेगी कर्ज की वृद्धि दर
विश्लेषकों का मानना है कि बैंकों और एनबीएफसी के इस फैसले से कर्ज बांटने की दर घटकर 12-14 फीसदी पर आ सकती है, जो अभी 15 फीसदी है। मैक्वायरी ने कहा, बैंक की वृद्धि और संपत्ति की गुणवत्ता यानी एनपीए पर नियामकीय निगरानी बढ़ गई है। इससे सावधानी बरती जा रही है। एक सरकारी बैंकर ने कहा, हमने अपने फिनटेक भागीदारों से कहा है कि वे चुनिंदा कर्ज ही बांटें।