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तैयारी: एयर इंडिया के बाद अब इसकी चार अनुषंगी कंपनियों का मुद्रीकरण होगा
Mon, 11 Oct 2021 03:24 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 11 Oct 2021 03:24 AM IST
सार
सरकार ने एयर इंडिया की बिक्री से पहले 2019 में एक स्पेशल पर्पस व्हीकल, एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएसएल) का गठन किया था, जिसे एयर इंडिया समूह के सभी दायित्व और उसकी गैर महत्वपूर्ण संपत्तियों का स्वामित्व सौंपा गया।
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एयर इंडिया
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
एयर इंडिया का सफलतापूर्वक निजीकरण करने के बाद केंद्र सरकार अब इसकी चार अनुसंगी कंपनियों के मुद्रीकरण की तैयारी में है। इन चार कंपनियों में अलाएंस एयर शामिल है।
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इसके अलावा 14,700 करोड़ रुपये की अचल परिसंपत्तियां, जिनमें भूमि और इमारतें शामिल हैं, उनका मुद्रीकरण भी किया जाएगा। विनिवेश एवं जन संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव तुहिन कांत पांडे ने बताया कि उनका विभाग अब एआईएएसएल के पास मौजूद एयर इंडिया की चार अनुषंगी कंपनियों के मुद्रीकरण और दायित्वों को कम करने की योजना पर काम करेगा।
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एयर इंडिया की चार अनुषंगी कंपनियों एयर इंडिया ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड, एयरलाइन अलाइड सर्विसेज लिमिटेड, एयर इंडिया इंजिनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड और होटल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ-साथ गैर महत्वपूर्ण संपत्तियां, पेंटिंग्स और कलाकृतियां एवं अन्य नॉन ऑपरेशनल संपत्तियां इसे सौंप दी गई थी।
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सरकार ने 8 अक्तूबर को कर्ज के बोझ से दबी नेशनल कॅरिअर एअर इंडिया का स्वामित्व टाटा संस को सौँपने की घोषणा की थी।
एयर इंडिया के निजीकरण में अहम भूमिका निभाने वाले पांडे ने कहा, हमारे पास एआईएएसएल की संपत्तियों के मुद्रीकरण की योजना है। हालांकि एआईएएसएल के दायित्वों और संपत्तियों का निपटारा करना बहुत बड़ा काम है।
एआईएएसएल के पास ग्राउंड हैंडलिंग, इंजीनियरिंग और अलाएंस एयर कंपनियां हैं जिनका निजीकरण किया जाना है। उन्होंने कहा, इनकी बिक्री की प्रक्रिया तब तक नहीं शुरू हो सकती थी, जब तक एयर इंडिया का मसला नहीं सुलझ जाता।
31 अगस्त तक 61,562 करोड़ रुपये का कर्ज
एयर इंडिया के ऊपर 31 अगस्त तक 61,562 करोड़ रुपये का कर्ज था। इसमें से 15,300 करोड़ रुपये टाटा संस के स्वामित्व वाली कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड चुकाएगी जबकि शेष 46,262 करोड़ रुपये चुकाने की जिम्मेदारी एआईएएसएल की है।
एआईएएसएल के पास मौजूद गैर महत्वपूर्ण संपत्तियों का मूल्य 14,718 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके अलावा संचालन खर्च ऋण जैसे अन्य दायित्व भी एआईएएसएल को सौंपे गए हैं जो करीब 15,834 करोड़ रुपये है।
संपत्तियों के निष्पादन के बाद भी 44,679 करोड़ रुपये की देनदारी
पांडे ने बताया कि एक सितंबर से 31 दिसंबर के बीच, जबकि एअर इंडिया सौदा पूर्ण होगा, सरकार एयर इंडिया का बैलेंसशीट तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने वर्तमान व्यवस्था के तहत वित्तीय मदद जारी रखी तो सितंबर से दिसंबर के बीच संचालन ऋण ज्यादा बढ़ने की उम्मीद नहीं है।
एयर इंडिया का प्रतिदिन का संचालन खर्च 20 करोड़ रुपये है। यदि सरकार ने ये मदद नहीं दी तब इस मद में दायित्व बढ़ेगा। संपत्तियों के निष्पादन के जरिये ऋण चुकाने के बाद एआईएएचएल के ऊपर कुल देनदारी करीब 44,679 करोड़ रुपये बचेगी।
दस साल में सरकार ने डाले 1.10 लाख करोड़ रुपये
सरकार ने 2009-10 से लेकर अब तक एअर इंडिया में करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये डाले हैं इसके बावजूद इस सरकारी विमानन कंपनी पर कर्ज का इतना बड़ा बोझ है।