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हिंडनबर्ग रिसर्च का दावा- शेयरों में हेरफेर व अकाउंट धोखाधड़ी में शामिल है अदाणी समूह
Thu, 26 Jan 2023 05:33 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी/ब्यूरो, नई दिल्ली।
एजेंसी/ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 26 Jan 2023 05:33 AM IST
सार
रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन साल में शेयरों की कीमतें बढ़ने से अदाणी समूह के संस्थापक गौतम अदाणी की संपत्ति 100 अरब डॉलर बढ़कर 120 अरब डॉलर हो गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
अदाणी समूह एक बार फिर आरोपों के घेरे में है। इस बार अमेरिकी निवेशक हिंडनबर्ग रिसर्च ने दावा किया है कि यह समूह दशकों से शेयरों के हेरफेर और अकाउंट की धोखाधड़ी में शामिल है। यह रिपोर्ट अदाणी एंटरप्राइजेज के 20,000 करोड़ रुपये के फॉलोऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) से पहले आई है। एफपीओ 27 जनवरी को खुलेगा।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन साल में शेयरों की कीमतें बढ़ने से अदाणी समूह के संस्थापक गौतम अदाणी की संपत्ति 100 अरब डॉलर बढ़कर 120 अरब डॉलर हो गई है। इस दौरान समूह की 7 कंपनियों के शेयर औसत 819 फीसदी बढ़े हैं।
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कई देशों में हैं मुखौटा कंपनियां
रिपोर्ट में मॉरीशस से लेकर संयुक्त अरब अमीरात तक फैले टैक्स चोरी वाले देशों में अदाणी परिवार की कई मुखौटा कंपनियों के एक वेब का विवरण है। इसका उपयोग भ्रष्टाचार, मनी लांड्रिंग के लिए किया गया था। फंड की हेराफेरी भी की गई थी। शोध में अदाणी समूह के पूर्व अधिकारियों सहित दर्जनों लोगों से बात करना, हजारों दस्तावेजों की समीक्षा करना और आधा दर्जन देशों में दौरा शामिल है।
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बड़े पैमाने पर शेयरों को गिरवी रखकर लिया कर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि समूह की सात प्रमुख कंपनियों के मूल्य को देखें तो यह फंडामेंटल आधार पर मूल्यांकन से 85 फीसदी नीचे हैं। इन कंपनियों ने बड़े पैमाने पर शेयर गिरवी रखकर कर्ज लिए हैं।
उधर, समूह ने रिपोर्ट को निराधार और बदनाम करने वाला बताया
अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को निराधार और बदनाम करने वाला बताया है। समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) जुगेशिंदर सिंह ने कहा, रिपोर्ट में इस्तेमाल तथ्यात्मक आंकड़े प्राप्त करने के लिए समूह से कोई संपर्क नहीं किया गया। यह रिपोर्ट चुनिंदा गलत व बासी सूचनाओं, निराधार और बदनाम आरोपों का एक दुर्भावनापूर्ण संयोजन है। इसे भारत की सर्वोच्च अदालतों ने खारिज कर दिया है।
-सिंह ने कहा, एफपीओ से पहले इस रिपोर्ट का आना स्पष्ट रूप से इसे नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य के साथ समूह की प्रतिष्ठा को कमजोर करने के एक दुराग्रही इरादे को दर्शाता है।
-समूह हमेशा सभी कानूनों का कंप्लायंस के साथ पालन करता है और उच्च स्तर के कॉरपोरेट गवर्नेंस को बनाए रखता है। किसी भी निवेशक ने कर्ज को लेकर कोई चिंता जाहिर नहीं की है।
97 हजार करोड़ घटी पूंजी
अदाणी की कंपनियों के शेयर बुधवार को जमकर गिरे। बाजार पूंजीकरण में 97 हजार करोड़ की कमी आई। मंगलवार को समूह की 11 कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 19.20 लाख करोड़ रुपये था जो बुधवार को 18.23 लाख करोड़ हो गया। फोर्ब्स की रियल टाइम के अनुसार, अदाणी की नेटवर्थ घटकर 119 अरब डॉलर रह गई।
शेयरों में 8 फीसदी तक की गिरावट
अदाणी एंटरप्राइजेज 1.54%
अदाणी पोर्ट 6.30%
अदाणी पावर 4.99%
अदाणी ट्रांसमिशन 8%
अदाणी ग्रीन एनर्जी 3%
अदाणी टोटल गैस 3.61%
अदाणी विल्मर 5.00%
अंबूजा सीमेंट 7.71%
एसीसी सीमेंट 7.11%
एनडीटीवी 4.99%