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अदाणी घूसखोरी मामला: क्या सौदा रद्द किया जा सकता है? वित्त मंत्री बोले- आंध्र सरकार फाइलों की कर रही समीक्षा
Tue, 26 Nov 2024 03:08 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 26 Nov 2024 03:08 PM IST
सार
Adani Bribery Case: न्यूयॉर्क की एक अदालत में अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी और सात अन्य पर आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों से अनुबंध प्राप्त करने के लिए 265 मिलियन अमेरीकी डॉलर (2,029 करोड़ रुपये) की रिश्वत देने का आरोप लगा है। अब इस मामले में आगे क्या हो सकता है, यह पता लगाने के लिए राज्य सरकार फाइलों की समीक्षा कर रही है।
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गौतम अदाणी
- फोटो : PTI
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विस्तार
आंध्र प्रदेश सरकार अदाणी समूह से जुड़े बिजली आपूर्ति अनुबंध को रद्द करने की संभावना तलाशने के लिए सरकारी फाइलों की समीक्षा कर रही है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। न्यूयॉर्क की एक अदालत में अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी और सात अन्य पर आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों से अनुबंध प्राप्त करने के लिए 265 मिलियन अमेरीकी डॉलर (2,029 करोड़ रुपये) की रिश्वत देने का आरोप लगा है।
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आंध्र के वित्त मंत्री पय्यावुला केशव ने रॉयटर्स को बताया कि सरकार इस सौदे से संबंधित "सभी आंतरिक फाइलों की जांच कर रही है", जिस पर पिछली जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस सरकार के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे। केशव ने कहा, "हम यह भी देखेंगे कि आगे क्या किया जा सकता है, जैसे कि क्या अनुबंध रद्द करने की कोई संभावना है।" उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर बारीकी से विचार कर रही है।
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अमेरिका में अदाणी और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाया गया है कि ओडिशा, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए 2021 और 2024 के बीच भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी गई। 265 मिलियन अमेरिकी डॉलर में से लगभग 228 मिलियन अमरीकी डॉलर का भुगतान कथित तौर पर आंध्र प्रदेश की राज्य बिजली वितरण कंपनियों को सौर ऊर्जा खरीदने के लिए प्रभावित करने के लिए किया गया था।
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दरअसल, यूनाइटेड स्टेट्स सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने आरोप लगाया है कि अगस्त 2021 में गौतम अदाणण्ी और जगन मोहन रेड्डी के बीच हुई बैठक में समझौते को सुरक्षित करने के लिए "प्रोत्साहन" पर चर्चा की गई थी।
एसईसी ने रिश्वत की रकम का उल्लेख नहीं किया है, अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा अभियोग में उल्लेख किया गया है कि आंध्र प्रदेश सरकार के एक अधिकारी (विदेशी अधिकारी # 1) को 1,750 करोड़ रुपये (228 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की रिश्वत देने का वादा किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद 7 गीगावाट सौर ऊर्जा खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए- जो किसी भी राज्य द्वारा किया गया सबसे बड़ा समझौता था।
हालांकि, अदाणी समूह ने आरोपों को निराधार बताते हुए उनका खंडन किया है। 2019-2024 के बीच सत्ता में रही वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने भी किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है और इस बात पर जोर दिया है कि उसकी सरकार का अदाणी समूह के साथ कोई "सीधा समझौता" नहीं है।