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चेतावनी: लापरवाही से कर्ज के एनपीए होने पर अब बैंक के अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
Tue, 02 Nov 2021 02:57 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 02 Nov 2021 02:57 AM IST
सार
बैंकों को इन निर्देशों के आधार पर अपने कर्मचारी जवाबदेही नीतियों को संशोधन करने और संबंधित बोर्ड की मंजूरी से प्रक्रियाओं को तैयार करने को कहा गया है।
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एनपीए
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
लापरवाही और मिलीभगत से कर्ज के एनपीए (गैर-निष्पादित आस्तियां) होने पर अब बैंक के अधिकारियों (कर्मचारी) पर कार्रवाई हो सकेगी। हालांकि, सही तरीके से लिए गए फैसले गलत होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।
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दरअसल, बेहतर कारोबारी फैसले लेने वाले बैंक कर्मचारियों के संरक्षण के मकसद से वित्त मंत्रालय ने 50 करोड़ रुपये तक के एनपीए खातों के लिए समान कर्मचारी जवाबदेही नियम जारी किए हैं। नया नियम अगले वित्त वर्ष से एनपीए में बदलने वाले खातों के लिए 1 अप्रैल, 2022 से लागू होगा। नए निमयों के दायरे में सिर्फ वही फैसले आएंगे, जो सही तरीके से लिए गए हैं। गलत इरादे से लिए गए फैसले इसमें शामिल नहीं होंगे।
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इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने एक बयान में कहा कि वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने 29 अक्तूबर के अपने आदेश में सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों (पीएसबी) को 50 करोड़ रुपये तक के एनपीए खातों (धोखाधड़ी के मामलों को छोड़कर ) के लिए कर्मचारी जवाबदेही ढांचे पर व्यापक दिशा-निर्देशों को अपनाने की सलाह दी है।
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बैंकों को इन निर्देशों के आधार पर अपने कर्मचारी जवाबदेही नीतियों को संशोधन करने और संबंधित बोर्ड की मंजूरी से प्रक्रियाओं को तैयार करने को कहा गया है। नए नियमों के मुताबिक, एनपीए खातों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 10 लाख रुपये तक, 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक और एक करोड़ रुपये से 50 करोड़ रुपये तक।
6 महीने में तय करनी होगी जवाबदेही
आईबीए ने कहा कि बैंकों को खाते को एनपीए के रूप में वर्गीकृत करने की तारीख से छह महीने के भीतर कर्मचारियों की जवाबदेही का काम पूरा करना होगा। बैंकों के व्यवसाय के आकार के आधार पर मुख्य सतर्कता अधिकारी की ओर से जवाबदेही की जांच के लिए थ्रेसहोल्ड लिमिट की सलाह दी गई है। एसोसिएशन ने कहा कि मूल्यांकन या मंजूरी/निगरानी में अधिकारियों के पिछले रिकॉर्ड को भी उचित महत्व दिया जाएगा।