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ITR: आईटीआर में असमानता पर ई-सत्यापन के लिए 68000 मामलों का हुआ चयन, 2019-20 के रिटर्न में कम दिखाई गई थी कमा

Tue, 14 Mar 2023 07:01 AM IST
वीरेंद्र शर्मा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Tue, 14 Mar 2023 07:01 AM IST
सार

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने सोमवार को बताया कि पायलट आधार पर इसमें से 56 फीसदी या 35,000 मामलों में करदाताओं ने पहले ही नोटिस का संतोषजनक जवाब दे दिया है या अपडेटेड टैक्स रिटर्न फाइल कर दिया है।

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68000 cases selected for e-verification on discrepancy in ITR Earnings shown less in the returns of 2019-20
आईटीआर रिटर्न। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2019-20 में आयकर रिटर्न (आईटीआर) के विवरण में असमानता पाए जाने पर ई-सत्यापन के लिए कुल 68,000 मामलों को चुना है। इन रिटर्न में या तो कम कमाई दिखाई गई है या बिलकुल ही नहीं दिखाई गई है।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने सोमवार को बताया कि पायलट आधार पर इसमें से 56 फीसदी या 35,000 मामलों में करदाताओं ने पहले ही नोटिस का संतोषजनक जवाब दे दिया है या अपडेटेड टैक्स रिटर्न फाइल कर दिया है। गुप्ता ने कहा, अब तक कुल 15 लाख अपडेट रिटर्न दाखिल किए गए हैं। इनसे 1,250 करोड़ रुपये का कर मिला है। बाकी 33,000 मामलों में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। वित्त वर्ष 2019-20 में अर्जित आय पर अपडेट रिटर्न दाखिल करने के लिए 31 मार्च, 2023 अंतिम तारीख है। सीबीडीटी चेयरमैन ने कहा, एक बार जब कोई करदाता फाइल आईटीआर अपडेट करता है, तो उसका मामला पुनर्मूल्यांकन के लिए उठाए जाने की संभावना कम होती है।
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छोटे दुकानदारों के लिए रिटेल ट्रेड पाॅलिसी बनाने की मांग
 चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने केंद्र सरकार से छोटे व्यापारियों के लिए रिटेल पॉलिसी बनाने की मांग की है। व्यापारी नेताओं ने कहा है कि छोटे और रिटेल कारोबारियों की समस्याओं को ध्यान में रखकर यह पॉलिसी बननी चाहिए। ताकि उनकी समस्या का समाधान इस प्लेटफार्म पर मिल सके। इसे लेकर सीटीआई ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है। तर्क दिया है कि इससे देश के पांच करोड़ और दिल्ली के 10 लाख व्यापारियों को होगा फायदा मिलेगा। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है कि छोटे दुकानदारों के व्यापार को आसान बनाने की आवश्यकता है। सरकार ऐसी पॉलिसी बनाए ताकि उन्हें भी बीमा की सुविधा हो। इसके साथ ही सस्ते ब्याज दरों और आसान शर्तों पर लोन मुहैया कराया जाए। ताकि उन्हें भी व्यापार करने में मदद मिल सके। महासचिव रमेश आहूजा ने कहा कि रिटेल कारोबारियों को एक लाइसेंस मिले, जो पूरे देश में मान्य हो।
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