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रिपोर्ट में दावा: कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रहीं कई कंपनियां, आर्थिक मंदी के बीच डराने वाली खबर

Sat, 20 Aug 2022 12:01 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 20 Aug 2022 12:01 AM IST
सार

ज्यादातर कंपनियां आर्थिक मंदी की वजह से बोनस कम कर रही हैं और नौकरी के ऑफर को भी रद्द कर रही हैं। एक नई रिपोर्ट ने इसका खुलासा किया गया है।

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50 Percent of companies planning job cuts amid economic downturn Report Claimed
मंदी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुनियाभर की कम से कम आधी कंपनियां अपने कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही हैं। वहीं, ज्यादातर कंपनियां आर्थिक मंदी की वजह से बोनस कम कर रही हैं और नौकरी के ऑफर को भी रद्द कर रही हैं। एक नई रिपोर्ट ने इसका खुलासा किया गया है। अमेरिका में नवीनतम PwC 'पल्स:2022 में व्यावसायिक जोखिमों का प्रबंधन' सर्वेक्षण के अनुसार, 50 फीसदी उत्तरदाताओं ने अपने समग्र हेडकाउंट को कम करने की बात कही। इसके साथ ही बिजनेस लीडर्स भी टैलेंट को जॉब ऑफर करने या फिर रीटेन करने को लेकर भी असमंजस में हैं।

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गुरुवार को सामने आई रिपोर्ट में कहा गया है कि "एक ही समय पर, कंपनियां कार्यबल को सुव्यवस्थित करने और भविष्य के लिए कार्यकर्ता कौशल का उपयुक्त मिश्रण स्थापित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही हैं।" रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में काम पर रखने के आवेश और कठिन लेवर मार्केट के बाद, अधिकारी लोगों को रखने और सही कौशल वाले लोगों के बीच अंतर की तुलना कर रहे हैं"।
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रिपोर्ट में खुलासा किया गया है, "उदाहरण के तौर पर 50 प्रतिशत कंपनियां अपने कुल कर्मचारियों की संख्या कम कर रहे हैं, 46 प्रतिशत कंपनिया साइनिंग बोनस को कम कर रहे हैं या कटौती कर रहे हैं और 44 प्रतिशत नौकरी के नए ऑफर को रद्द कर रहे हैं।" जुलाई तक अमेरिका में 32,000 से अधिक तकनीकी कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया है, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट और मेटा (पूर्व में फेसबुक) जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी शामिल हैं, लेकिन तकनीकी क्षेत्र के लिए सबसे बुरा दौर अभी तक खत्म नहीं हुआ है।इस दौरान बड़े पैमाने पर स्टॉक की बिक्री देखी गई है।
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भारत में कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से 25,000 से अधिक स्टार्टअप कर्मचारियों ने नौकरी खो दी है और इस वर्ष 12,000 से अधिक कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। पीडब्ल्यूसी (PwC) की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये एहतियाती कदम कुछ उद्योगों में ज्यादा हैं। 

पीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है, "उपभोक्ता बाजार और प्रौद्योगिकी, मीडिया और दूरसंचार कंपनियां श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए स्वचालन (Automation) में निवेश करने की ज्यादा संभावना तलाश रहे हैं।" वहीं, दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवा अन्य उद्योगों की तुलना में बड़ी प्रतिभा चुनौतियों को देख रही है और हाल ही में छोड़ कर गए कर्मचारियों को फिर से काम पर रखने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। वैश्विक परामर्श फर्म ने सर्वेक्षण के लिए पिछले महीने सभी उद्योगों में 700 से अधिक अमेरिकी अधिकारियों और बोर्ड के सदस्यों को चुना था। सर्वेक्षण में सामने आया कि बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता के बीच 83 प्रतिशत अधिकारी अपनी व्यावसायिक रणनीति को विकास पर केंद्रित कर रहे हैं।

भविष्य की आर्थिक, सामाजिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच कंपनियों को संचालित करने की अपनी क्षमता को लेकर सतर्क रूप से आशावादी महसूस करने वाले कारोबारियों के लिए यह अनिश्चितता एक मानक बन गई है।


अमेरिकी पीडब्ल्यूसी के वाइस चेयरमैन और ट्रस्ट सॉल्यूशंस को-लीडर कैथरीन कमिंसकी ने कहा कि "कुल मिलाकर कहें, तो कॉरपोरेट लीडर्स की इस पीढ़ी के पास मंदी को नेविगेट करने का न्यूनतम अनुभव है, फिर भी वे बढ़ते भू-राजनीतिक विभाजन और आसमान छूती मुद्रास्फीति के बीच एक संभावना के साथ, कि आगे क्या हो सकता है इसे संभालने की अपनी क्षमता को लेकर उत्साहित हैं।"

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