फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Budget 2020 : business ease is getting better but still behind on many parameters

बजट 2020 : कारोबारी सुगमता में पहले से सुधार लेकिन कई मापदंडों पर अभी भी पीछे

Sat, 01 Feb 2020 02:33 AM IST
गौरव पाण्डेय बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sat, 01 Feb 2020 02:33 AM IST
विज्ञापन
Budget 2020 : business ease is getting better but still behind on many parameters

अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए पहली जरूरत व्यावसायिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण की है। 2014 से 2019 के बीच भारत ने विश्व बैंक की कारोबारी सुगमता रैंकिंग में काफी सुधार किया है। 2014 में भारत 142वें स्थान पर था जो 2019 में 63वें पर आ गया। इसके 10 में से सात मापदंडों पर भारत पहले से बेहतर हालत में है, लेकिन व्यवसाय की शुरुआत, संपत्ति की रजिस्ट्री, कर भुगतान और अनुबंध लागू करने जैसे मापदंडों पर हम अब भी काफी पीछे हैं। ब्यूरो

विज्ञापन

कहीं सरल तो कहीं जटिल हो गई व्यापार की प्रक्रिया


व्यवसाय की शुरुआत : बीते 10 सालों में व्यवसाय की शुरुआत से संबंधित प्रक्रियाएं 13 से कम होकर 10 रह गईं। देश में अब एक व्यवसाय की शुरुआत में 18 दिन लगते हैं जो पहले 30 दिन था। लेकिन ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज न्यूजीलैंड में व्यवसाय शुरू करने से संबंधित सारी प्रक्रियाएं आधे दिन में पूरी हो जाती हैं। चीन में प्रक्रियाएं पूरी करने में औसतन नौ दिन लगते हैं।

विज्ञापन


कर भुगतान : दस साल 59 मदों में कर भुगतान होता था। अब इनकी संख्या 12 रह गई है। लेकिन भुगतान में लगने वाले समय में अंतर नहीं आया। देश साल के 250-254घंटे कर भुगतान में खर्च करता है। आश्चर्य यह है कि न्यूजीलैंड में बीते दस वर्षों में कर भुगतान में लगने वाला समय करीब दोगुना हो गया है, लेकिन फिर भी भारत से काफी कम है। न्यूजीलैंड में हर साल 140 घंटे करों के भुगतान पर खर्च होते हैं। चीन में इस काम के लिए साल में 138 घंटे खर्च होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


संपत्ति की रजिस्ट्री : 10 साल पहले देश में संपत्ति की रजिस्ट्री कराने में पांच प्रक्रियाएं पूरी करनी होती थीं और इसमें औसतन 44 दिन लगते थे। अब इसके लिए नौ प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं जिसमें कम से कम 49 दिन लग जाते हैं।

संपत्ति के रजिस्ट्री की लागत भी पहले से ज्यादा हो गई है। दस साल पूर्व रजिस्ट्री में संपत्ति की कीमत का अधिकतम7.4 प्रतिशत खर्च होता था लेकिन अब अधिकतम खर्च की सीमा 8.1 प्रतिशत हो गई है। न्यूजीलैंड में इसके लिए केवल दो प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं और यह काम औसतन 3.5 दिन में हो जाता है। इसमें लागत भी संपत्ति के मूल्य का करीब 0.1 प्रतिशत ही आता है।

अनुबंध लागू करना : अभी तक इसमें कोई सुधार नहीं हुआ। अनुबंध संबंधी किसी विवाद को सुलझाने में औसतन 1,445 दिन (करीब 4 साल) लगते हैं। न्यूजीलैंड में यह काम 216 दिन में और चीन में 496  दिन (डेढ़ साल) में हो जाता है।

मानव संसाधन क्षेत्र में निवेश से हासिल होगा सतत विकास का लक्ष्य

देश में सतत विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मानव संसाधन क्षेत्र में निवेश की भी जरूरत है। ये सुझाव शुक्रवार को पेश आर्थिक सर्वेक्षण में दिया गया। इसके अनुसार, जनसांख्यिकी लाभांश को पाने के लिए सरकार शिक्षा और कौशल विकास को सुधारने और सभी को रोजगार एवं सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं देने को प्रतिबद्ध है। समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया कि संपर्क सुधारने, आवास मुहैया कराने और सामजिक-आर्थिक संकेतकों में लैंगिक अंतर को कम करने की जरूरत है।

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और संपर्क जैसी सामाजिक अवसंरचना में सार्वजनिक निवेश समावेशी विकास सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है। इसमें कहा गया कि ‘एजेंडा-2030’ में तय 17 सतत विकास लक्ष्यों और 169 कार्य सामाजिक अवसंरचना से करीब से जुड़े हैं। सतत विकास लक्ष्य में निहित शिक्षा और स्वास्थ्य को रेखांकित करते हुए कहा गया कि मानव विकास सूचकांक इससे जुड़ा हुआ है और इसका सबूत राज्यों के सतत विकास लक्ष्य रैंकिंग और मानव विकास सूचकांक में देखा जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक सतत विकास के लिए तय ‘एजेंडा-2030’ के तहत दुनिया में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान और भविष्य में वैश्विक साझेदारी का आह्वान किया गया है। समीक्षा में कहा गया कि गरीबी उन्मूलन और अन्य अभाव को दूर करने के साथ-साथ स्वास्थ्य और शिक्षा को सुधारने की रणनीति, असमानता को कम करने एवं टिकाऊ आर्थिक विकास भी होना चाहिए।

समीक्षा के मुताबिक भारत सतत विकास लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है और इन्हें हासिल करने के लिए मजबूत सामाजिक अवसंरचना की जरूरत है। इसलिए सरकार विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थाओं, अस्पतालों, स्वच्छता तक पहुंच, जलापूर्ति, सड़क संपर्क, सस्ते मकान, कौशल और जीविकोपार्जन के मौके मुहैया कराने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया कि इन सुविधाओं का विकास अहम है क्योंकि भारत में दुनिया की सर्वाधिक युवा आबादी रहती है और इसकी आधी आबादी 25 साल से कम उम्र की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed