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पहल: प्रीमियम ट्रेनों में नैफेड परोसेगा भोजन, तैयार हो रहा हाईटेक क्लाउड किचन; यात्रियों के लिए क्या खास?
Sat, 05 Sep 2026 05:14 AM IST
ज्योति भास्कर
शरद पाण्डेय, द बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
शरद पाण्डेय, द बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sat, 05 Sep 2026 05:14 AM IST
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वंदे भारत एक्सप्रेस (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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देश की सबसे प्रतिष्ठित सेमी-हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस और अन्य प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराने के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नैफेड) इन ट्रेनों में स्वादिष्ट, स्वच्छ और विश्वसनीय भोजन की आपूर्ति की सीधी आपूर्ति का जिम्मा संभालेगा।
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नैफेड की हालिया बोर्ड बैठक में इस रणनीतिक विस्तार को औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है और इस दिशा में जमीनी स्तर पर काम भी शुरू हो गया है। अगले साल की शुरुआत से कई वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों को परोसा जाने वाला भोजन सीधे नैफेड तैयार और सप्लाई करेगा। नैफेड के एमडी दीपक कुमार के अनुसार, बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद संस्था ने इस परियोजना पर आक्रामक रूप से काम शुरू कर दिया है।
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16 लाख मील्स के बाजार में सहकारी संघ की दस्तक
वर्तमान में आईआरसीटीसी प्रीमियम और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को मिलाकर प्रतिदिन करीब 16 लाख मील्स (भोजन के पैकेट) की आपूर्ति करती है, जहां अब नैफेट ने दस्तक दी है। इसके लिए अत्याधुनिक क्लाउड किचन का निर्माण शुरू कर दिया है।
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सीमित रहेगा डाटा सेंटर्स का योगदान
नई दिल्ली। भारत में डाटा सेंटर क्षेत्र में अरबों डॉलर निवेश के बावजूद अर्थव्यवस्था पर असर फिलहाल सीमित रहेगा। मूडीज के मुताबिक, डाटा सेंटर का पूंजीगत व्यय 2025 में भारत की सांकेतिक जीडीपी का करीब 0.10 प्रतिशत रहा, जबकि 2030 तक इनके पूरी तरह चालू होने पर जीडीपी में योगदान लगभग 0.13 फीसदी रहने की उम्मीद है। एजेंसी