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त्योहारों में बरसेगा पैसा: 29 दिन में बाजार में आएंगे 6.20 लाख करोड़, दुर्गा पूजा से दिवाली तक होगी खरीदारी

Wed, 23 Sep 2026 06:13 AM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Wed, 23 Sep 2026 06:13 AM IST
सार

दुर्गा पूजा से दिवाली तक 29 दिनों के त्योहारी दौर में करीब 6.20 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। दिवाली इस पूरे सीजन का सबसे बड़ा कारोबारी अवसर हो सकती है, जबकि दुर्गा पूजा और गणेशोत्सव भी बाजार में बड़ी आर्थिक गतिविधियां पैदा करेंगे।

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According to CAIT estimates 6.20 lakh crore will flow into market during festive season shopping taking place
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत में त्योहार सिर्फ आस्था, परंपरा और उल्लास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। जैसे-जैसे त्योहारी सीजन करीब आ रहा है, बाजारों में चहल-पहल बढ़ने लगी है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और विभिन्न आर्थिक अनुमानों के मुताबिक, इस बार का त्योहारी सीजन कारोबारियों और विनिर्माताओं के लिए बेहद खास रहने वाला है। अनुमान है कि इस दौरान कुल 6.20 लाख करोड़ रुपये तक का कारोबार हो सकता है। कपड़े, एफएमसीजी, किराना, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टरों को त्योहारी खरीदारी से फायदा मिलने की उम्मीद है। 

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दुर्गा पूजा से कोलकाता के बाजार में आएगी रौनक
दुर्गा पूजा का सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल और खासकर कोलकाता के बाजार पर देखने को मिलता है। इस दौरान करीब 65,000 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि का अनुमान है, जिसमें अकेले कोलकाता की हिस्सेदारी 65 से 70 फीसदी तक हो सकती है। इस कारोबार में रिटेल और कपड़ों की हिस्सेदारी करीब 28 फीसदी, जबकि जूलरी की हिस्सेदारी लगभग 12 फीसदी रहने का अनुमान है।
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गणेशोत्सव भी बढ़ाएगा बाजार की रफ्तार
गणेशोत्सव के दौरान देशभर में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। इस दौरान गणेश प्रतिमाओं और उनसे जुड़े उत्पादों के साथ पंडाल, सजावट, खान-पान, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में भी अच्छी गतिविधि देखने को मिलती है। अनुमान के मुताबिक, प्रतिमाओं और उनसे जुड़े उत्पादों की हिस्सेदारी 18 फीसदी, पंडाल व सजावट की 12 फीसदी और खान-पान व मिठाई की करीब 10 फीसदी रह सकती है।
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दिवाली पर सबसे ज्यादा खरीदारी की उम्मीद
त्योहारी सीजन में दिवाली बाजार के लिए सबसे बड़ा मौका लेकर आती है। कैट के अनुमान के मुताबिक, इस दौरान अकेले दिवाली से जुड़ी खरीदारी और कारोबार 6.05 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रह सकता है। एफएमसीजी और किराना की हिस्सेदारी करीब 28 फीसदी रहने का अनुमान है। वहीं ज्वैलरी करीब 18 फीसदी और इलेक्ट्रॉनिक्स व कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लगभग 15 फीसदी हिस्सेदारी के साथ प्रमुख सेक्टर रहेंगे।

कपड़े और रोजमर्रा के सामान की बढ़ेगी मांग
त्योहारी खरीदारी में कपड़े, गिफ्ट आइटम, एफएमसीजी और किराना सबसे ज्यादा मांग वाले सामानों में शामिल रहते हैं। त्योहारों के दौरान लोग अपने घर के लिए नई चीजें खरीदने के साथ रिश्तेदारों और दोस्तों को उपहार भी देते हैं। इससे रिटेल कारोबार से लेकर रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री तक में तेजी आती है।

धनतेरस पर सोने-चांदी की चमक
धनतेरस और दिवाली के मौके पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में इस दौरान ज्वैलरी बाजार में भी खास रौनक रहती है। त्योहारी कारोबार में ज्वैलरी की हिस्सेदारी करीब 12 से 18 फीसदी तक रहने का अनुमान है। मांग बढ़ने से ज्वैलर्स के कारोबार में भी तेजी आने की उम्मीद है।


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गाड़ी, टीवी और फ्रिज की खरीदारी भी बढ़ेगी
त्योहारों के मौके पर नई गाड़ी, टीवी, फ्रिज और दूसरे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स खरीदने का चलन भी काफी बढ़ जाता है। खासकर गणेशोत्सव और दिवाली के आसपास लोग बड़ी खरीदारी को शुभ मानते हैं। इसका सीधा फायदा ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स से जुड़े कारोबार को मिलता है। साथ ही उत्पादन और सप्लाई से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ती हैं।

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