विशेष पैकेज मिलने से गारमेंट उद्योग में नई जान की संभावना, वैश्विक बाजार का हो सकेगा मुकाबला
गारमेंट क्षेत्र के लिए सरकार की तरफ से बुधवार को 6000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा से गारमेंट उद्योग में नई जान आने की संभावना जग गई है। औद्योगिक संगठनों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से निर्यातक वैश्विक बाजार में पहले के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे और इस क्षेत्र में नए निवेश आने से भारी संख्या में रोजगार का सृजन होगा।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनइजेशंस (फियो) के अध्यक्ष एस.सी. रल्हन ने कहा कि इस पैकेज की मदद से इस क्षेत्र की पुरानी मांगें पूरी हो सकेंगी और इससे देश से होने वाला निर्यात पहले के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धा के लायक हो पाएगा।
उन्होंने कहा कि ड्यूटी ड्रा.बैक के माध्यम से राज्य करों में छूट और एडवांस ऑथराइजेशन के तहत फैबरिक के आयात पर ड्यूटी ड्रा.बैक के प्रावधान से निर्यात की लागत कम होगी और हमारी मुकाबला क्षमता बढ़ेगी।
गारमेंट क्षेत्र को अतिरिक्त उत्पादन व रोजगार के आधार पर 10 फीसदी अतिरिक्त टफ सब्सिडी देने के फैसले से गारमेंट क्षेत्र को अपने उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ खुद को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।
अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एईपीसी) के चेयरमैन अशोक रजानी ने कहा कि यह एक ऐसा विशेष पैकेज है जो सिर्फ उद्योग की जरूरतों को ही पूरा नहीं करता बल्कि रोजग़ार के अवसर भी पैदा करता है जो देश की जरूरत है।
उन्होंने कहा की श्रम सुधारों से सिर्फ उद्योग को ही नहीं बल्कि कर्मचारियों कों भी नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि निर्यात में पिछले पांच महीनों में गिरावट दर्ज की गई है।
वैश्विक बाजार में अब भी नकारात्मक परिस्थितियां जारी है। ऐसे में इस पैकेज से भारत में स्थिति सुधरेगी।
गारमेंट क्षेत्र को खुद को आधुनिक बनाने मे मिलेगी मदद
औद्योगिक संगठन फिक्की की टेक्सटाइल कमेटी के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया ने कहा कि सरकार की तरफ से दिए गए विशेष पैकेज से पूरे टेक्सटाइल उद्योग को समग्र रूप से लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने सही समय पर यह फैसला किया है और इससे टेक्सटाइल क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए मूल्यवर्धन होगा एवं देश में रोजगार के अवसर निकलेंगे।
जयपुरिया ने कहा कि श्रम कानून में ढील देने से गारमेंट उद्योग को काफी मदद मिलेगी और इससे गारमेंट उद्योग की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढने के साथ निर्यातक समय पर माल की डिलिवरी कर पाएंगे। जयपुरिया ने कहा कि सरकार के फैसले से गारमेंट क्षेत्र भारी मात्रा में निवेश को आकर्षित करने में सफल हो पाएगा और भारी संख्या में खासकर महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर निकलेंगे।
उन्होंने कहा कि इन दिनों टेक्सटाइल व गारमेंट उद्योग चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं और वैश्वोिक बाजार में उन्हें कड़ा मुकाबला करना पड़ रहा है। ऐसे में राज्यों की तरफ से लिए जाने वाले करों को वापस करने के प्रावधान से उद्योग को काफी राहत मिलेगी और निर्यातक अधिक प्रतिस्पर्धी हो पाएंगे।
Published By Rahul Sankrityayan