कोरोना वायरस से चीन में हाहाकार, करीब आठ फीसदी गिरा शंघाई स्टॉक एक्सचेंज
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कोरोना वायरस का आतंक इस कदर छा गया है कि चीन में बाजार पर इसका गंभीर असर देखने को मिला। सोमवार को शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में 2015 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट आई। शंघाई शेयर बाजार सोमवार को लगभग आठ फीसदी गिरकर बंद हुआ। यह पिछले पांच साल की अवधि में सबसे बड़ी गिरावट है।
कोरोना वायरस है गिरावट की प्रमुख वजह
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह कोरोना वायरस है। शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स 229.92 अंक यानी 7.72 फीसदी गिरा, जिसके बाद यह 2,746.61 अंक पर पहुंच गया। साथ ही शेनझेन कम्पोजिट इंडेक्स 8.41 फीसदी यानी 147.81 अंक गिरा, जिसके बाद यह 1,609 अंक पर बंद हुआ।
अब तक हुई 360 से ज्यादा लोगों की मौत
कोरोना वायरस से दुनियाभर में अब तक 360 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सरकार ने चीन के कोरोना वायरस प्रभावित हुबेई प्रांत से बाहरी लोगों को दूर रहने को कहा है और वहां आने जाने वालों से अपील की है कि अगर बहुत जरूरी न हो तो हुबेई न जाएं। जानलेवा कोरोना वायरस ने अमेरिका को भी चीन के करीब ला खड़ा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने चीन को इस वायरस से निपटने के लिए हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया है। हालांकि चीन का दावा है कि वह इस खतरे से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
WHO ने की यह घोषणा
इस वायरस को लेकर हर किसी के मन में डर की स्थिति बनी हुई है। ऐसी स्थिति में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO- World Health Organisation) ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी (Global Health Emergency) घोषित कर दी है। कोरोनावायरस एक ऐसा वायरस है जिसकी चपेट में पूरी दुनिया तेजी से आ रही है। इसका पूरा नाम है 2019 नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV)। ये नए प्रकार का वायरस है जिसे सबसे पहले चीन के वुहान, हुबेई प्रांत में पाया गया। पहले कभी इस वायरस की पहचान नहीं की गई थी। इसलिए इसे नोवेल नाम दिया गया है।
क्या हैं नोवेल कोरोनावायरस से संक्रमण के शुरुआती लक्षण?
अब तक जो लक्षण इस वारयस से संक्रमित मरीजों में पाए गए हैं, वे हैं - तेज बुखार, जुकाम और सांस लेने में दिक्कत।
कैसे फैलता है ये वायरस?
अब तक इस बारे में भी पुख्ता कुछ कहा नहीं गया है। लेकिन ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इसकी शुरुआत तो जानवरों से हुई। लेकिन अब इसका संक्रमण इंसानों से इंसानों में भी फैल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति के छींकने, खांसने से भी ये संक्रमण स्वस्थ व्यक्ति में फैल सकता है। ठीक वैसे ही जैसे इंफ्लूएंजा फैलता है।