फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Bazar ›   Sensex Opening Bell Share Market Opening Sensex Nifty Share Market News and Updates

द बोनस मार्केट अपडेट: शेयर बाजार में गिरावट; सेंसेक्स 1000 अंक लुढ़का, निफ्टी 22300 से नीचे

Thu, 08 Oct 2026 09:50 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 08 Oct 2026 09:50 AM IST
सार

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक लुढ़के। जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। आइए बाजार की चाल के बारे में विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन
Sensex Opening Bell Share Market Opening Sensex Nifty Share Market News and Updates
सेंसेक्स ओपनिंग बेल - फोटो : amarujala.com

विस्तार

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को चौतरफा बिकवाली देखी गई प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में 1.5% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 1,000 अंकों से अधिक लुढ़ककर 71,700 के स्तर से नीचे आ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 300 से अधिक अंक गंवाकर 22,300 के स्तर के नीचे पहुंच गया। इस तेज बिकवाली के कारण बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) घटकर 462 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया, जिससे महज एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों के लगभग 9 लाख करोड़ रुपये हवा हो गए।

विज्ञापन

आज बाजार में बिकवाली का दायरा कितना गहरा रहा?

बाजार में मंदी का रुख इस कदर हावी रहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 2,645 शेयरों में गिरावट आई, जबकि केवल 693 शेयर ही बढ़त दर्ज कर सके और 117 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। सेंसेक्स पर आईटीसी (आईटीसी), अदाणी पोर्ट्स, इंडिगो, पावर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के शेयरों में 4% तक की गिरावट देखने को मिली। हालांकि, टाइटन और आईटी क्षेत्र के दिग्गज शेयरों- जैसे टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस और इंफोसिस ने 2% तक की तेजी दर्ज कर बाजार को कुछ सहारा दिया।

विज्ञापन


ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में 2% तक की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी मेटल 3% टूटकर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा, जबकि निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में करीब 2-2% की गिरावट आई।

विज्ञापन
विज्ञापन

शेयर बाजार में इस भारी गिरावट के प्रमुख कारण क्या हैं?

बाजार से जुड़े विश्लेषकों के अनुसार, इस भारी बिकवाली के पीछे निम्नलिखित कारक जिम्मेदार हैं:

  1. आरबीआई की सख्त मौद्रिक नीति: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगभग चार वर्षों में पहली बार ब्याज दर में वृद्धि की घोषणा की है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि दर वृद्धि से ज्यादा आरबीआई द्वारा अपने रुख को 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' करना बाजार के लिए बड़ा सरप्राइज रहा, जिसका सीधा मतलब है कि निकट भविष्य में दरों में कटौती की कोई गुंजाइश नहीं है।
  2. 24 साल के उच्च स्तर पर बॉन्ड यील्ड: वैश्विक बॉन्ड बाजार में जारी बिकवाली के कारण अमेरिका की 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.71% के पार पहुंच गई है, जबकि 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.3% और 2-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.9% के करीब पहुंच गई है। उच्च बॉन्ड यील्ड के कारण निवेशक इक्विटी से पैसा निकालकर डेट मार्केट की ओर रुख कर रहे हैं।
  3. कच्चे तेल की कीमतों में उबाल (102 डॉलर प्रति बैरल के पार): मध्य पूर्व के खाड़ी क्षेत्रों और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर बढ़ते हमलों से आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे ब्रेंट क्रूड ऑयल 2% उछलकर 102 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। अमेरिका में कच्चा तेल भंडार भी 3.2 मिलियन बैरल घटकर 424.1 मिलियन बैरल रह गया है।
  4. विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की रिकॉर्ड बिकवाली: विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पूंजी निकाल रहे हैं। केवल बुधवार को एफआईआई ने ₹6,121 करोड़ से अधिक के शेयर बेचे, जबकि बीते 9 कारोबारी सत्रों में वे कुल ₹57,000 करोड़ की शुद्ध बिकवाली कर चुके हैं।
  5. फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की चिंताएं: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मिनट्स से संकेत मिला है कि महंगाई दर को काबू में रखने के लिए दरों में और बढ़ोतरी की जा सकती है। सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक, बाजार दिसंबर में 80% दर वृद्धि की संभावना मानकर चल रहा है।
  6. कमजोर वैश्विक संकेत: एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% से अधिक, जबकि जापान का निकेई, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग 1% से अधिक टूटे। अमेरिकी और यूरोपीय बाजार भी बीते सत्र में गहरे लाल निशान में बंद हुए थे।
  7. तकनीकी स्तरों का टूटना: निफ्टी द्वारा अपने 22,500 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल को तोड़ने के बाद तकनीकी बिकवाली और तेज हो गई। एक्सिस डायरेक्ट के वरिष्ठ विश्लेषक हिमांग गोर के अनुसार, 22,500 का स्तर टूटने से सूचकांक के 22,300 और 52-सप्ताह के निचले स्तर 22,180 तक फिसलने का जोखिम बन गया।

क्या बाजार में दोबारा लौट सकती है तेजी?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, आरबीआई के सख्त रुख और ऊंची बॉन्ड यील्ड के कारण वैल्युएशन पर दबाव बना रहेगा। जब तक अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.3% से ऊपर बनी रहेगी, तब तक विदेशी निवेशक हर तेजी पर बिकवाली जारी रख सकते हैं। निवेशकों के लिए रणनीति: बाजार में टिकाऊ सुधार तभी संभव होगा जब विदेशी निवेशक दोबारा खरीदार बनेंगे। विश्लेषकों का सुझाव है कि इस चुनौतीपूर्ण समय में निवेशकों को घबराने के बजाय दीर्घकालिक दृष्टिकोण से वैल्यू स्टॉक्स में बने रहना चाहिए और बढ़ते ब्याज दर के माहौल में फिक्स्ड इनकम के अवसरों पर भी विचार करना चाहिए।

रुपये पर क्यों है दबाव, फिर भी कैसे हुई मजबूती?

रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे बढ़कर 96.65 पर पहुंच गया। यह भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप के कारण हुआ। हालांकि, रुपया लगातार व्यापक आर्थिक चुनौतियों के कारण दबाव में है। इनमें वैश्विक डॉलर की मजबूती और ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतें शामिल हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में भी तीन हफ्तों में 50 अरब अमेरिकी डॉलर की गिरावट आई है। फाइनरेक्स के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली के अनुसार, डॉलर की मजबूत कॉर्पोरेट आयातक मांग और सुरक्षित-निवेश पूंजी के बदलाव ने आरबीआई की नीति को कमजोर किया। गवर्नर ने रुपये को उसके सही मूल्य पर लाने में मदद करने का आश्वासन दिया है।

वैश्विक और घरेलू बाजार का क्या है हाल?

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स, शंघाई का एस.एस.ई. कंपोजिट इंडेक्स और हैंग सेंग इंडेक्स सभी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। बुधवार को अमेरिकी बाजार भी निचले स्तर पर बंद हुए थे। एच.एस.टी. वेल्थ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिसिल्वन राधाकृष्णन ने कहा कि अब केवल आरबीआई की दर वृद्धि ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक सख्त घरेलू और वैश्विक मौद्रिक स्थितियों की संभावना भी एक बड़ी चिंता है। फेडरल रिजर्व के मिनट्स भी अमेरिकी दर वृद्धि की ओर इशारा करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed