द बोनस मार्केट अपडेट: शेयर बाजार में दो दिन पहले ही दिवाली; सेंसेक्स 2000 अंक चढ़ा, जानें निफ्टी का हाल
- सेंसेक्स 2,008.61 अंकों की बड़ी वृद्धि के साथ 79,310.01 पर बंद हुआ। यह 2.59 फीसदी का महत्वपूर्ण उछाल था।
- वहीं, निफ्टी भी 576.00 अंक बढ़कर 24,536.60 पर पहुंच गया।
विस्तार
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को जबरदस्त तेजी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 2000 से अधिक अंक उछलकर 79,310.01 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी 24,500 का स्तर पार कर 24,536.60 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत से बाजार को मजबूती मिली।
सेंसेक्स पिछले बंद 77,301.40 के मुकाबले 2008.61 अंक यानी 2.60 फीसदी की वृद्धि के साथ बंद हुआ। निफ्टी ने भी पिछले बंद 23,960.60 के मुकाबले 576.00 अंक यानी 2.40 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। सभी व्यापक बाजार सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी 100 सबसे अधिक 2.23 फीसदी की वृद्धि के साथ शीर्ष पर रहा।
निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी बैंक में क्रमशः 4 फीसदी और 3 फीसदी से अधिक की वृद्धि देखी गई। हालांकि, निफ्टी केमिकल्स और मीडिया में गिरावट दर्ज की गई। कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड 96.02 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं, कच्चा तेल 88.56 डॉलर प्रति बैरल पर था।
बाजार में इस तेजी के पीछे क्या कारण रहे?
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज शेयरों में व्यापक मजबूती से निफ्टी ने पिछले तीन महीनों के नुकसान की भरपाई की है। यह सूचकांक को अगस्त के उच्च स्तर 24,800 के करीब फिर से परीक्षण करने के लिए तैयार कर रहा है। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में नई गति एक अतिरिक्त सकारात्मक संकेत है। बाजार विश्लेषक विपिन डिक्सना ने कहा कि यह रैली कई कारकों से समर्थित है। कच्चे तेल की कम कीमतें, विदेशी निवेशकों का बढ़ता प्रवाह और भू-राजनीतिक अनिश्चितता में कमी की उम्मीदें बाजार की धारणा को मजबूत कर रही हैं। भारत के लिए बेहतर व्यापक आर्थिक माहौल भी सकारात्मक है।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
अजीत मिश्रा ने अनुशासित स्टॉक चयन और विवेकपूर्ण रातोंरात जोखिम प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने आगे संभावित अस्थिरता की आशंका जताई है। विपिन डिक्सना ने बताया कि निफ्टी 24,200 के स्तर से ऊपर निकल गया है। इससे इसकी अल्पकालिक तकनीकी संरचना में सुधार हुआ है। अब 24,200-24,100 का क्षेत्र एक महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र है। वहीं, 24,400-24,500 तत्काल प्रतिरोध क्षेत्र है। 24,500 से ऊपर की निरंतर चाल रिकवरी को और बढ़ा सकती है। निवेशकों को बीच-बीच में मुनाफावसूली के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा हलचल?
एनएसई पर बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, मारुति, एम एंड एम, आईसीआईसीआई बैंक, बीएसई, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट, एक्सिस बैंक, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, एसबीआईएन, ग्रासिम, एलटी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, बजाज-ऑटो, टाइटन और हिंडाल्को प्रमुख लाभ पाने वाले शेयरों में शामिल थे। वहीं, अपोलो हॉस्पिटल, ओएनजीसी, एनटीपीसी, बीईएल, अदानी एयरपोर्ट्स, सिप्ला और ट्रेंट प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में रहे। बीएसई पर बजाज फाइनेंस, इंडिगो, मारुति, एम एंड एम, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, एलटी, टीसीएस, टेक महिंद्रा, रिलायंस, कोटक बैंक, टाइटन, टाटा स्टील और हिंदुस्तान यूनिलीवर शीर्ष लाभ पाने वाले थे। एनटीपीसी, बीईएल, अदानी एयरपोर्ट्स, आईटीसी, पावर ग्रिड और भारती एयरटेल शीर्ष नुकसान वाले शेयरों में शामिल थे।