फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Bazar ›   Selling pressure in the stock market

दूसरी लहर का प्रकोप : शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव, आएगी तेज गिरावट

Thu, 22 Apr 2021 12:43 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 22 Apr 2021 12:43 AM IST
सार

  • क्रेडिट स्विस का दावा... ज्यादा दिन तक नहीं रहेगा असर
  • 8 फीसदी लुढ़क चुका है शेयर बाजार फरवरी के रिकॉर्ड उच्च स्तर से

विज्ञापन
Selling pressure in the stock market
शेयर बाजार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रकोप कुछ सप्ताह में घरेलू शेयर बाजारों में देखने को मिल सकता है। रेटिंग एजेंसी क्रेडिट स्विस का कहना है कि संक्रमण के कारण बाजार पर और ज्यादा बिकवाली का दबाव पड़ सकता है, जिससे अगले कुछ सप्ताह में शेयर बाजार में काफी तेज गिरावट आ सकती है।

विज्ञापन


हालांकि, यह गिरावट ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। इसलिए निवेशकों के लिए ज्यादा चिंता की बात नहीं है। क्रेडिट स्विस इंडिया के इक्विटी प्रमुख (शोध) जितेंद्र गोहिल ने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह में बॉन्ड यील्ड के बढ़ने और अमेरिकी डॉलर में मजबूती से बाजार में गिरावट का खतरा कम हुआ है, लेकिन संक्रमण की दूसरी लहर के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
विज्ञापन


इस वजह से भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन अन्य एशियाई बाजारों की तुलना में कमजोर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल फरवरी में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद घरेलू शेयर बाजार करीब 8 फीसदी गिर चुका है। अप्रैल में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारी बिवकाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार दूसरे महीने खरीदार बने रहे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन


बैंकों और एनबीएफसी के प्रदर्शन पर निगाह
रिपोर्ट में कहा गया है कि निकट भविष्य में भारतीय शेयर बाजार के सामने कई चुनौतियां हैं। हालांकि, लंबी अवधि के लिए परिदृश्य सकारात्मक है। सबकी नजरें 2020-21 की चौथी तिमाही में बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के प्रदर्शन पर है। इसके अलावा, लाभ पर दबाव बने रहने की वजह से वाहन कंपनियां अगले कुछ सप्ताह में कीमतें बढ़ा सकती हैं। 

एफपीआई का इक्विटी में हिस्सा बढ़कर 105 अरब डॉलर
मुंबई। घरेलू शेयरों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की हिस्सेदारी सितंबर, 2020 से मार्च, 2021 के बीच 105 अरब डॉलर बढ़ी है, जबकि 2020-21 के दौरान यह बढ़कर रिकॉर्ड 555 अरब डॉलर पहुंच गया।

बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज (बोफा) के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष के दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों का इक्विटी में निवेश 203 अरब डॉलर रहा। यह आंकड़ा एफपीआई के मुकाबले आधे से भी कम है। एफपीआई ने इस साल 16 अप्रैल तक घरेलू इक्विटी में शुद्ध रूप से 7.2 अरब डॉलर का निवेश किया। इस साल भारत ही एकमात्र ऐसा बाजार है, जहां सकारात्मक प्रवाह देखने को मिला है।


हालांकि, पिछले महीने इसमें गिरावट रही थी। वहीं, नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी के मुताबिक, एफपीआई ने 2020-21 के दौरान इक्विटी में रिकॉर्ड 37 अरब डॉलर निवेश किए। यह आंकड़ों दो दशकों में सबसे अधिक है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed