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रिलायंस के बाद अब किशोर बियानी की फ्यूचर कंज्यूमर लाने जा रही है राइट्स इश्यू
Sun, 17 May 2020 04:55 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Sun, 17 May 2020 04:55 PM IST
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किशोर बियानी
- फोटो : सोशल मीडिया
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के बाद अब किशोर बियानी के नेतृत्व वाले फ्यूचर ग्रुप की कंपनी फ्यूचर कंज्यूमर राइट्स इश्यू लाने की योजना बना रही है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) फाइलिंग के अनुसार, फ्यूचर कंज्यूमर की राइट्स इश्यू के जरिए 300 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।
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इस राइट्स इश्यू के नियम और शर्तें तय करने के लिए डायरेक्टर्स की एक कमेटी बनाई जाएगी, जो राइट्स एंटाइटलमेंट अनुपात, इश्यू प्राइस, रिकॉर्ड डेट, भुगतान विकल्प, राइट्स इश्यू का समय, आदि जरूरी मुद्दों पर फैसला लेगी। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 16 मई को इस राइट्स इश्यू को मंजूरी दी। फ्यूचर ग्रुप पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। इस ग्रुप में किशोर बियानी की करीब 90 फीसदी हिस्सेदारी है।
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इस राइट्स इश्यू में 6 रुपये की फेस वैल्यू पर इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। मालूम हो कि हाल ही में फ्यूचर ग्रुप ने अपने इंश्योरेंस कारोबार फ्यूचर जेनराली इंडिया इंश्योरेंस को बेचने की घोषणा की थी। इस कंपनी में फ्यूचर ग्रुप की करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी है।
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क्या है राइट्स इश्यू?
दरअसल पूंजी जुटाने के लिए शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कंपनियां राइट्स इश्यू लाती हैं। राइट्स इश्यू के जरिए कंपनियां अपने मौजूदा शेयरधारकों को ही अतिरिक्त शेयर खरीदने के लिए मंजूरी देती हैं। शेयरधारक एक निश्चित अनुपात में शेयर खरीद सकते हैं, जो कंपनी तय करती है। यानी शेयरधारक कंपनी की ओर से तय अवधि में राइट्स इश्यू के तहत शेयर खरीद सकते हैं। हालांकि इसके जरिए कंपनी के मालिकाना हक पर कोई असर नहीं पड़ता है।
राइट्स पेशकश के जरिए कंपनियां मौजूदा शेयरधारकों को घटी दरों पर नए शेयर खरीदने का अधिकार देती हैं, लेकिन उन पर ऐसा करने की बाध्यता नहीं होती। आरआईएल ने अंतिम बार 1991 में परिवर्तनीय ऋणपत्र जारी कर जनता से धन जुटाया था।