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इंडसइंड बैंक: चौथी तिमाही में 16 फीसदी घटा शुद्ध लाभ, NPA में हुई बढ़ोतरी
Tue, 28 Apr 2020 11:05 AM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 28 Apr 2020 11:05 AM IST
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इंडसइंड बैंक
- फोटो : सोशल मीडिया
बीते वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च 2020) में निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक का एकल शुद्ध लाभ 16 फीसदी घटकर 301.74 करोड़ रुपये रह गया। फंसे कर्ज के लिए ऊंचा प्रावधान किए जाने की वजह से बैंक के मुनाफे में कमी आई है।
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वहीं इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 360.10 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। इस संदर्भ में बैंक ने शेयर बाजारों को सूचना भेजी। बैंक ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी एकल कुल आय बढ़कर 9,158.57 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 7,550.43 करोड़ रुपये रही थी।
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बैंक का आकस्मिक खर्चों के लिए प्रावधान बढ़ा
चौथी तिमाही में बैंक का डूबा कर्ज और अन्य आकस्मिक खर्चों के लिए प्रावधान बढ़कर 2,440.32 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 1,560.69 करोड़ रुपये था।
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NPA में भी हुई बढ़ोतरी
सकल गैर निष्पादित आस्तियां (NPA) की बात करें, तो समीक्षाधीन तिमाही में बैंक का एनपीए बढ़कर कुल ऋण का 2.45 फीसदी हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2.10 फीसदी थी। हालांकि, तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध एनपीए घटकर 0.91 फीसदी रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 1.21 फीसदी पर था।
RBI के नियमों के तहत किए जरूरी प्रावधान
इस संदर्भ में इंडसइंड बैंक ने कहा कि 31 दिसंबर, 2019 को समाप्त तिमाही में उसने दो इकाइयों पर बकाया 960.89 करोड़ रुपये की पहचान धोखाधड़ी के रूप में की। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत उसने इसके लिए जरूरी प्रावधान किए।
75 फीसदी ग्राहकों ने टाली EMI
इंडसइंड बैंक की चीफ सुमंत कठपालिया के अनुसार, उसकी संपत्ति की गुणवत्ता कोविड -19 प्रभाव से निपट सकेगी क्योंकि इसके कर्जदार मजबूत हैं। करीब 75 फीसदी ग्राहकों ने लोन की ईएमआई में तीन महीने की मोहलत लेने के विकल्प का चयन किया है। इसके साथ ही खुदरा डिपॉजिट भी बढ़ा है।