फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Bazar ›   India at number four in gold recycling

Report: सोना रिसाइकल में भारत चौथे नंबर पर, 2021 में 75 टन सोने का रिसाइकल

Wed, 22 Jun 2022 05:26 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली। 
एजेंसी, नई दिल्ली।  Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 22 Jun 2022 05:26 AM IST
सार

गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव, भविष्य में भाव को लेकर अनुमान और आर्थिक स्थिति के चलते रिसाइकल में तेजी आई है।

विज्ञापन
India at number four in gold recycling
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूरी दुनिया में सोने की रीसाइक्लिंग करने के मामले में भारत चौथे नंबर पर है। पिछले साल इसने 75 टन सोने को रिसाइकल किया था। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) ने एक रिपोर्ट में बताया कि 2013 में जहां भारत की रिफाइनिंग और रिसाइकल की क्षमता केवल 300 टन की थी, वहीं यह 2021 में 5 गुना बढ़कर 1,500 टन पर पहुंच गई।

विज्ञापन


हालांकि भारत भले ही इस मामले में चौथे नंबर पर है, पर अभी भी यहां केवल 8 फीसदी ही घरेलू सोने की रिसाइक्लिंग होती है। बाकी सोना आयात के जरिए बाहर से आता है। गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव, भविष्य में भाव को लेकर अनुमान और आर्थिक स्थिति के चलते रिसाइकल में तेजी आई है।
विज्ञापन


पिछले साल सोने की रिफाइनिंग और रिसाइक्लिंग में चीन सबसे आगे रहा। इसने 168 टन सोने का इसके लिए उपयोग किया। दूसरे नंबर पर इटली ने 80 टन और तीसरे पर अमेरिका ने 78 टन सोने की रिसाइक्लिंग की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एक दशक में बदली तस्वीर 
रिपोर्ट के अनुसार, एक दशक में भारत की रिफाइनिंग और रिसाइकल की तस्वीर बदल गई। सरकार की ओर से नियम कड़क किए जाने के बाद सोने की रिफाइनिंग ज्यादा बेहतर तरीके से हो रही है। इसमें संगठित क्षेत्र में रिफाइनिंग की संख्या 33 हो गई है जो 2013 में केवल 5 थी। असंगठित क्षेत्र में हालांकि 300 से 500 टन रिफाइनिंग की क्षमता है। हालांकि असंगठित क्षेत्र में क्षमता लगातार गिर रही है, क्योंकि सरकार ने प्रदूषण से संबंधित नियमों को मजबूत कर दिया है। 

टैक्स का अहम योगदान 
टैक्स के ढांचे को बेहतर बनाने से भी सोने की रिफाइनिंग को मजबूती मिली है। सरकार ने कच्चे सोने पर आयात शुल्क को रिफाइन सोने से अलग कर दिया है। इसके बाद रिफाइन सोने के निर्यात और कच्चे सोने के आयात में तेजी आई। 2013 में भारत के कुल आयात में कच्चे सोने की हिस्सेदारी 7 फीसदी थी जो अब बढ़कर 22 फीसदी हो गई है। 
 
सरप्लस सोने को बाजार में लाने की जरूरत
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के क्षेत्रीय सीईओ सोमासुंदरम पीआर ने कहा कि भारत अपने बुलियन क्षेत्र में नए सुधारों को लागू करे तो रिफाइनिंग क्षेत्र में कहीं आगे निकल सकता है। सोने की मौद्रीकरण योजना के जरिये सरप्लस सोने को बाजार में लाने की जरूरत है। इससे सोना सस्ता होगा और साथ ही मांग भी बढ़ेगी। रिफाइनिंग की क्षमता में भी विस्तार होगा। 


रिफाइनिंग हब के रूप में उभरने की क्षमता
यदि सराफा बाजार में सुधार के अगले चरण में छड़ों के निर्यात और रद्दी की आपूर्ति को लगातार बढ़ावा दिया जाता है तो भारत में एक प्रतिस्पर्धी रिफाइनिंग हब के रूप में उभरने की क्षमता है। घरेलू रिसाइक्लिंग बाजार रुपये की कीमतों और अर्थव्यवस्था के चक्र से चलता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed