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धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही हैं आर्थिक गतिविधियां, ईंधन की मांग में लगातार सुधार

Fri, 10 Jul 2020 06:05 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Fri, 10 Jul 2020 06:05 PM IST
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Improvement In Fuel Demand In The Country in june as compared to previous month during lockdown
पेट्रोल-डीजल - फोटो : pixabay

कोविड-19 महामारी की वजह से देश में लागू लॉकडाउन में ढील दिये जाने के बाद ईंधन की मांग में सुधार जारी है। पूर्ण लॉकडाउन के दौरान अप्रैल में ईंधन की मांग 13 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई थी। मई के आखिर से अंकुशों में ढील के बाद आर्थिक गतिविधियों धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही हैं, जिससे ईंधन की मांग गढ़ रही है। 

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जून में इतनी बढ़ी पेट्रोलियम उत्पादों की खपत
ईंधन की मांग बढ़ने की एक और वजह यह है कि इस महामारी के डर से अब ज्यादा से ज्यादा लोग सार्वजनिक के बजाय निजी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के आंकड़ों के अनुसार जून में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत मई की तुलना में 11 फीसदी बढ़कर 1.62 करोड़ टन पर पहुंच गई। हालांकि, यह जून, 2019 की तुलना में 7.8 फीसदी कम है। 
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पिछले साल जून में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत 1.76 करोड़ टन रही थी। अप्रैल में ईंधन की मांग घटकर 99.3 लाख टन पर आ गई थी। यह 2007 के बाद इसका सबसे निचला स्तर रहा है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी बंद लागू किया गया था। आर्थिक गतिविधियां रुक गई थीं, और ज्यादातर वाहन खड़े हो गए थे। कुल मिलाकर ईंधन की मांग अभी कोविड-19 से पूर्व के स्तर के 92 फीसदी पर पहुंची है। 
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इतनी है सबसे ज्यादा उपभोग वाले ईंधन डीजल की मांग 
सबसे ज्यादा उपभोग वाले ईंधन डीजल की मांग सामान्य के 84.5 फीसदी तथा पेट्रोल की मांग सामान्य के 86.4 फीसदी पर है। जून में डीजल की खपत 63 लाख टन रही, जो मई के मुकाबले 14.5 फीसदी अधिक है, लेकिन जून, 2019 की तुलना में 15.4 फीसदी कम है। जून में डीजल की मांग अप्रैल की तुलना में लगभग दोगुना हो गई है। अप्रैल 2020 में यह 32.5 लाख टन रही थी। 

22.8 लाख टन पर पहुंची पेट्रोल की बिक्री 
आंकड़ों के अनुसार जून में पेट्रोल की बिक्री मई की तुलना में 29 फीसदी बढ़कर 22.8 लाख टन पर पहुंच गई। हालांकि, यह एक साल पहले जून, 2019 की तुलना में 13.5 फीसदी कम है लेकिन मई 2020 के 9,73,000 टन के आंकड़े की तुलना में यह दोगुना से ज्यादा है। अधिकारियों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि लोग अब सार्वजनिक वाहनों के बजाय निजी वाहनों का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। 

तेजी से बढ़ी एलपीजी की मांग 
इस दौरान रसोई गैस सिलिंडर यानी एलपीजी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह यह है कि सरकार कोविड-19 संकट के बीच गरीब परिवारों को एलपीजी मुफ्त उपलब्ध करा रही है। जून में एलपीजी की मांग 15.7 फीसदी बढ़कर 20.7 लाख टन रही। अभी काफी सीमित संख्या में उड़ान सेवाएं शुरू हुई हैं। 

2,22,000 टन रह गई विमान ईंधन की मांग
ऐसे में सालाना आधार पर विमान ईंधन एटीएफ की मांग 65.8 फीसदी घटकर 2,22,000 टन रह गई। आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू होने के साथ औद्योगिक ईंधन की मांग भी सुधर रही है। 

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