अब सीएनजी से दौड़ेगी आपकी स्कूटी, पायलट प्रोजेक्ट शुरू
- गैस से चलेंगे बस ट्रक : धर्मेंद्र प्रधान
- सीएनजी से स्कूटी चलाने की पायलट परियोजना दिल्ली में शुरू
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पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देश में गैस से ट्रक और बस जैसे भारी वाहन चलाने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं और फिलहाल स्कूटी में सीएनजी का किट लगाकर दिल्ली में परीक्षण किया जा रहा है, जिसे देश के अन्य शहरों में भी फैलाने की योजना है।
बृहस्पतिवार को देश के पहले सीएनजी टू व्हीलर किट के वाणिज्यिक परीक्षण की शुरूआत करते हुए प्रधान ने बताया कि इस समय स्कूटी से परीक्षण शुरू किया गया है। इसका परिणाम देखा जाएगा। यदि यह तय मानकों पर खड़ा उतरता है तो फिर अन्य वाहनों के साथ ही परीक्षण किया जाएगा। इस समय 50 स्कूटी में परीक्षण किया जाएगा, जिसमें से 10 स्कूटी को सड़क पर उतार दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इसे सिर्फ टू व्हीलर तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि सीएनजी से रेलगाड़ी, बस और ट्रक भी चलाने की योजना है। दुनिया के कुछ विकसित देशों में अभी ट्रक और बस जैसे भारी वाहन गैस से चल रहे हैं, लेकिन भारत में अभी इसकी शुरूआत नहीं हो पाई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय का मानना है कि इस समय अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत बेहद कम है, इसलिए इस दिशा में कदम उठाने का सबसे मुफीद समय यही है। धर्मेद्र प्रधान ने बताया कि अभी जिस सीएनजी किट लगे स्कूटी को दिल्ली की सड़कों को उतारा गया है, उसका परिचालन व्यय पेट्रोल के मुकाबले 40 फीसदी सस्ता है जबकि इससे पेट्रोल के मुकाबले 75 फीसदी कम प्रदूषण फैलेगा।
स्कूटी में लगने वाले किट की कीमत के सवाल पर पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि अभी इस पर परीक्षण चल ही रहा है और परीक्षण अवधि में उपकरणों के दाम का कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। इसलिए इस किट की कीमत बाद में घोषित की जाएगी। हालांकि उन्होंने बताया कि इस किट को आटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया -एआरएआई-, इंटरनेशनल सेंटर फोर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी -आईसीएटी- और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी आर्गनाइजेशन -पेसो- से अनुमोदन मिल गया है। इसे दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की भी हरी झंडी है।
इन शहरों में होगा स्कूटी का अगला परीक्षण
दिल्ली के बाद सीएनजी से चलने वाली स्कूटी का परीक्षण लखनऊ, बेंगलुरू, मुंबई, पुणे और हैदराबाद में भी करने की योजना है। प्रधान ने कहा कि भारत सरकार के प्रयासों से कतर से गैस आपूर्ति का दीर्घकालीन समझौता हो गया है और पहले जो गैस 15-16 डॉलर प्रति इकाई मिलती थी, वह अब छह डॉलर प्रति इकाई मिल रही है।
यही नहीं, स्पॉट मार्केट में तो इससे भी सस्ती गैस मिल रही है। देशभर में गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 15000 किलोमीटर नई गैस पाइपलाइन बिछायी जा रही है और पूर्वी तट पर इन्नौर, काकीनारा और धामरा में तीन नए एलएनजी टर्मिनल बनाये जा रहे हैं।
इसके अलावा पश्चिम तट के एलएनजी टर्मिनलों की भी क्षमता बढ़ायी जा रही है। पूरे देश में जब गैस पहुंचेगी तो कोयला से चलने वाले, प्रदूषण फैलाने वाले पावर प्लांटों को बंद कर गैस वाले पावर प्लांट शुरू किये जाएंगे।