राहतः 150 रुपये सस्ता हुआ सोना, पांच महीने के शीर्ष पर पहुंचा व्यापार घाटा
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कमजोर वैश्विक संकेतों और स्थानीय ज्वैलर्स की फीकी मांग के कारण सोमवार को सोना 150 रुपये की गिरावट के साथ 32,720 रुपये के भाव पर रहा। ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से मांग में कमी के कारण चांदी भी 250 रुपये कमजोर होकर 37,350 के भाव पर रही।
कारोबारियों का कहना है कि कमजोर वैश्विक संकेतों के अलावा स्थानीय स्तर पर फीकी मांग से सोने की कीमतें प्रभावित हुईं। न्यूयॉर्क में सोना गिरकर 1,275.30 डॉलर प्रति औंस और चांदी भी गिरावट के साथ 14.43 डॉलर प्रति औंस रही।
व्यापार घाटा पांच महीने के शीर्ष पर
देश का सोना आयात अप्रैल, 2019 में 54 फीसदी बढ़कर 3.97 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इससे व्यापार घाटा बढ़ा है। इससे चालू खाता घाटे (कैड) को लेकर चिंता की स्थिति बनी हुई है। अप्रैल, 2018 में सोने का आयात 2.58 अरब डॉलर रहा था।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सोना आयात बढ़ने से देश का व्यापार घाटा अप्रैल में पांच महीने के शीर्ष पर 15.33 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही में देश का चालू खाता घाटा जीडीपी के 2.5 फीसदी पर पहुंच गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 2.1 फीसदी था।
चालू खाता घाटा विदेशी मुद्रा की निकासी और प्रवाह का अंतर होता है। फरवरी में सोने का आयात घटा था। इसके बाद इसने दहाई अंकों में वृद्धि दर्ज करनी शुरू की। मार्च में यह 31 फीसदी बढ़कर 3.27 अरब डॉलर रहा। भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक है। आयात से मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग पूरी की जाती है। सालाना आधार पर भारत 800 से 900 टन सोना आयात करता है। वित्त वर्ष 2018-19 में सोना आयात तीन फीसदी घटकर 32.8 अरब डॉलर रह गया।