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इलेक्ट्रिक व्हीकल का भविष्य: देश में बनेगा बड़ा बाजार, निवेश के साथ रोजगार और कमाई भी होगी

Thu, 12 Aug 2021 12:15 AM IST
देव कश्यप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: देव कश्यप Updated Thu, 12 Aug 2021 12:15 AM IST
सार

  • 2030 तक इलेक्ट्रिक व्हीकल फाइनेंस इंडस्ट्री का साइज 3.7 लाख करोड़ रुपए का होगा
  • वाहनों के चार्जिंग इंफ्रा और बैटरियों में 19.7 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत होगी

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Future of Electric Vehicle in India There will be a big market employment and earning along with investment
Electric Vehicles - फोटो : Social Media

विस्तार

देश में आने वाले समय में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) का एक बहुत बड़ा बाजार बनने वाला है। इसके जरिए निवेश के अवसर खुलेंगे। साथ ही रोजगार के लिए मौके बनेंगे। हालांकि एक बड़े बाजार के लिए अभी भी कम से कम दो सालों का इंतजार करना होगा।

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2030 तक 30 फीसदी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक से चलाने का लक्ष्य
सरकार चाहती है कि 2030 तक 30 फीसदी गाड़ियां इलेक्ट्रिक से चलने लगे। हाल में सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग और रॉकी माउंटेन ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, 2030 तक देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल फाइनेंस इंडस्ट्री का साइज 3.7 लाख करोड़ रुपये का होगा। इसी के साथ अगले दस सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग इंफ्रा और बैटरियों में 19.7 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होगी।

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व्यक्तिगत स्तर पर नहीं खोल सकते हैं चार्जिंग स्टेशन
हालांकि, अभी किसी व्यक्ति को चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए मंजूरी नहीं मिली है। सरकार अभी इसके लिए गाइडलाइंस लाएगी। सरकारी कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्प के एक अधिकारी के मुताबिक, सरकार जब तक इस पर गाइडलाइंस नहीं लाती है, तब तक व्यक्तिगत स्तर पर कोई चार्जिंग स्टेशन नहीं खोल पाएगा।

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सरकारी कंपनियों का बड़ा दांव
देखा जाए तो, इस सेगमेंट में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्प, इंडियन ऑयल कॉर्प, पावर ग्रिड जैसी सरकारी कंपनियां तेजी से काम कर रही हैं। इसके अलावा जो कंपनियां गाड़ियां बना रही हैं, वे भी अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल मोबिलिटी के तहत स्टेशन लगा रही हैं। जैसे महिंद्रा एंड महिंद्रा, हीरो मोटो, टाटा आदि। टाटा पावर इस सेगमेंट में एक बड़ा दांव खेल रही है। टाटा पावर ने सरकारी तेल कंपनियों के साथ इंद्रप्रस्थ गैस से भी करार किया है।

देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स, चार्जिंग सॉल्यूशन और चार्जिंग नेटवर्क की सुविधा देनेवाली कंपनियों में डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स, मास टेक, एबीबी इंडिया, पी2पावर सोल्यूशंस, ओकाया पावर ग्रुप आदि हैं।

छह महीने में हीरो लॉन्च करेगी इलेक्ट्रिक स्कूटर
हीरो ग्रुप के पवन मुंजाल का कहना है कि अगले छह महीनों में कंपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च कर देगी। कंपनी खुद चुनिंदा शहरों में अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर स्टेशन लगाने की योजना बना रही है। वड़ोदरा की चार्ज जोन कंपनी इस समय डीलर्स नियुक्त कर रही है। इसकी योजना अगले 8 सालों में 1 लाख चार्जिंग स्टेशन लगाने की है।

कंपनी का कहना है कि डीलर्स के लिए कम से कम 150 वर्ग मीटर की जगह होनी चाहिए। साथ ही 75 लाख रुपये के निवेश का बजट होना चाहिए। कंपनी का दावा है कि इसके हिसाब से निवेशक को सालाना 18 फीसदी का फायदा हो सकता है।

पांच लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल बिके
आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2017 से अब तक पांच लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री हो चुकी है। इसमें दो पहिया और तीन पहिया वाहनों की हिस्सेदारी 98 फीसदी है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में दो पहिया और तीन पहिया वाहनों की ज्यादा संख्या इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में होगी। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 तक भारत में चार लाख इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्जिंग स्टेशन की जरूरत होगी। इससे 20 लाख इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज हो सकेंगे।

सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में मार्च 2021 तक केवल 1,800 चार्जिंग स्टेशन थे। इससे केवल 16,200 कारें ही चार्ज हो सकती हैं। वैसे देश में ऐसी कई कंपनियां हैं, जो डीलर्स की नियुक्ति कर रही हैं। कुछ कंपनियां बहुत ही कम निवेश पर भी यह सुविधा दे रही हैं।

OTP से कंट्रोल कर सकते हैं मिसयूज
इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्जर्स को कंट्रोल भी किया जा सकता है। इसमें ओटीपी की सुविधा होती है। यानी कोई और व्यक्ति इससे अपनी गाड़ी को चार्ज नहीं कर सकता है। आपने अपनी पार्किंग एरिया में अगर चार्जिंग प्वाइंट लगाया है तो बिना आपकी मंजूरी के कोई इसका उपयोग नहीं कर पाएगा। ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्जर्स रिमोट एक्सेस, स्मार्ट चार्जिंग और कंट्रोल के साथ आते हैं। अगर आपके घर से पार्किंग एरिया दूर है तो आप इसे कनेक्टिंग केबल के जरिए वहां तक घर से ही चार्ज कर सकते हैं।

1800 चार्जिंग स्टेशन की योजना
इंडियन ऑयल ने चालू वित्त वर्ष में 1,800 चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बनाई है। इससे पहले रिलायंस बीपी मोबिलिटी ने स्विगी के साथ भागीदारी की है। इसके जरिए हाइवे पर कंपनी चार्जिंग स्टेशन लगाएगी। रिलायंस बीपी के पास 1,400 पेट्रोल पंप हैं और इसे बढ़ाकर 5,000 करने की योजना है। इसके जरिए हजारों बैटर स्वैप स्टेशन तैयार करने की योजना है। मोर्गन स्टेनली रिसर्च के मुताबिक, भारत में दो पहिया इलेक्ट्रिक स्कूटर की पहुंच अभी तक एक फीसदी तक ही है। 2025 तक यह 15 फीसदी तक जा सकती है।

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