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2020 के शुरुआती तीन दिनों में विदेशी निवेशकों ने बाजार से निकाले 2,418 करोड़ रुपये

Sun, 05 Jan 2020 01:49 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sun, 05 Jan 2020 01:49 PM IST
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FPI withdrew Rs 2418 crore from the Indian capital markets in three trading sessions of January

डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ( एफपीआई ) ने साल 2020 की शुरुआत में जमकर मुनाफा काटा है। एफपीआई ने जनवरी के पहले तीन कारोबारी सत्रों में यानी एक जनवरी 2020 से तीन जनवरी 2020 तक भारतीय पूंजी बाजार से 2,418 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं।  

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इस तरह की 2,418.57 करोड़ रुपये की निकासी

इस दौरान एफपीआई ने शेयरों के माध्यम से 524.91 करोड़ रुपये और ऋण या बांड बाजार से 1,893.66 करोड़ रुपये की निकासी की, जिसकी वजह से विदेशी निवेसकों की कुल निकासी 2,418.57 करोड़ रुपये रही। 

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2019 में एफपीआई ने डाले थे 73,276.63 करोड़ रुपये 

साल 2019 में एफपीआई ने घरेलू बाजारों (शेयर और ऋण दोनों) में शुद्ध रूप से 73,276.63 करोड़ रुपये डाले थे। बता दें कि जनवरी, जुलाई और अगस्त को छोड़कर एफपीआई साल 2019 के शेष महीनों में शुद्ध लिवाल रहे हैं। 

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बजट से पहले खरीदारी कर सकते हैं विदेशी निवेशक

इस संदर्भ में सैम्को सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख उमेश मेहता ने बताया कि, साल 2019 की जोरदार तेजी के बाद एफपीआई ने भारत में 2020 में मुनाफा काटना शुरू कर दिया है। संभावना है कि अभी विदेशी निवेशक निकासी कर धन जमा कर रहे हैं और बजट से पहले बड़े पैमाने पर खरीदारी करेंगे।

सतर्क हैं विदेशी निवेशक

वहीं मॉर्निंगस्टार इंवेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के वरिष्ठ विश्लेषक प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्ताव ने कहा कि, 'विदेशी निवेशक सतर्क हैं।' एफपीआई के नकारात्मक रुख के पीछे भारत में राजनीतिक मुद्दे, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और भारतीय अर्थव्यवस्था की सुस्ती है।

2018 में की थी निकासी 

वहीं साल 2018 में एफपीआई ने घरेलू पूंजी बाजार से 80,919 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी। 2018 में एफपीआई ने 47,795 करोड़ रुपये के ऋणपत्रों की शुद्ध बिकवाली की थी और हाइब्रिड प्रतिभूतियों में 109 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। 

क्या है एफपीआई ?

बता दें कि जब एक अंतरराष्ट्रीय निवेशक, किसी अन्य देश के उद्यम की निष्क्रिय होल्डिंग में निवेश करता है, यानी वित्तीय परिसंपत्ति में निवेश करता है, तो इसे एफपीआई के रूप में जाना जाता है।

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