अगस्त में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से निकाले 12,105 करोड़ रुपये, ये है कारण
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विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को उपकर से राहत देने और आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न कदम उठाने की घोषणा से शेयर बाजार में इस सप्ताह तेजी आने की उम्मीद है। विदेशी निवेशकों की मांग को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एफपीआई पर जुलाई में पेश आम बजट में लगाए गए उपकर को वापस ले लिया।
विश्लेषकों का कहना है कि उपकर लगाए जाने के बाद से एफपीआई ने जुलाई और अगस्त में घरेलू शेयर बाजारों से 3.4 अरब डॉलर (करीब 24,500 करोड़ रुपये) निकाले थे। इस भारी-भरकम निकासी से रुपये पर भी दबाव बढ़ गया। पिछले सप्ताह यह 72 रुपये प्रति डॉलर के स्तर तक नीचे चला गया।
इस तरह FPI ने अगस्त में निकाले 3,014 करोड़ रुपये
एफपीआई ने अगस्त में अब तक भारतीय पूंजी बाजार से 3,014.72 करोड़ रुपये निकाले। विशेषज्ञों का कहना है कि उपकर से राहत देने की सरकार की घोषणा के बाद हालात बदल सकते हैं। डिपॉजिटरी के अनुसार, एफपीआई ने एक से 23 अगस्त के दौरान शेयर बाजार से 12,105.33 करोड़ रुपये निकाले और ऋण बाजार में 9,090.61 करोड़ रुपये का निवेश किया। पिछले 15 सत्रों में केवल दो सत्रों में एफपीआई शुद्ध रूप से खरीदार बने रहे। इससे पहले एफपीआई ने जुलाई में 2,985.88 करोड़ रुपये की निकासी की थी।
अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध, ऊंची आय वाले निवेशकों पर बजट में कर की दर बढ़ाने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दरों में कटौती जैसे मिश्रित कारणों के चलते एफपीआई की शेयर बाजार में बिकवाली जारी रही। जुलाई में 2019-20 के बजट में यह प्रावधान किए जाने से पहले एफपीआई देश में लगातार शुद्ध लिवाल बने हुए थे। एफपीआई ने घरेलू पूंजी बाजार में जून में 10,384.54 करोड़ रुपये, मई में 9,031.15 करोड़ रुपये, अप्रैल में 16,093 करोड़ रुपये, मार्च में 45,981 करोड़ रुपये और फरवरी में 11,182 करोड़ रुपये का निवेश किया था। हालांकि जुलाई में एफपीआई ने 2,985.88 करोड़ रुपये की बिकवाली थी।