लिवाल बने रहे विदेशी निवेशक, बाजार में किया 24,617 करोड़ रुपये का निवेश
डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) फरवरी माह में अब तक शुद्ध लिवाल बने रहे हैं। इस दौरान विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों में 24,617 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
विस्तार
एक फरवरी को पेश हुए बजट 2020 के बाद से ही भारतीय शेयर बाजार की सकारात्मक धारणा बने रहने और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नीतिगत दर मामले में उदार रुख के कारण विदेशी निवेशक घरेलू बाजार में निवेश कर रहे हैं।
एफपीआई ने किया कुल 24,617 करोड़ रुपये का निवेश
तीन से 14 फरवरी के बीच भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 10,426 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वहीं बॉन्ड बाजार में 14,191 करोड़ रुपये का निवेश किया है। समीक्षावधि में एफपीआई ने कुल 24,617 करोड़ रुपये का निवेश किया है। बता दें कि सितंबर 2019 के बाद से ही एफपीआई लगातार भारतीय बाजारों में लिवाल बने हुए हैं।
आने वाले समय में आकर्षित हो सकता है विदेशी निवेश
इस संदर्भ में रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड में उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा कि, 'बजट के बाद घरेलू संस्थागत निवेशकों के समर्थन से बाजार में सुधार देखा गया है।' वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कंपनियों से लिए जाने वाले लाभांश वितरण कर (डीडीटी) हटाने का प्रस्ताव किया था। इसके अतिरिक्त बजट में विदेशी निवेशकों को कुछ सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने की छूट और कॉरपारेट बॉन्ड में निवेश की सीमा को नौ फीसदी से 15 फीसदी करने की भी घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एफपीआई प्रवाह बढ़ना चाहिए क्योंकि घरेलू अर्थव्यवस्था में तेजी लौट रही है और वैश्विक चिंताएं कुछ दूर हो रही हैं।'
2019 में एफपीआई ने डाले थे 73,276.63 करोड़ रुपये
साल 2019 में एफपीआई ने घरेलू बाजारों (शेयर और ऋण दोनों) में शुद्ध रूप से 73,276.63 करोड़ रुपये डाले थे। बता दें कि जनवरी, जुलाई और अगस्त को छोड़कर एफपीआई साल 2019 के शेष महीनों में शुद्ध लिवाल रहे हैं।
क्या है एफपीआई ?
बता दें कि जब एक अंतरराष्ट्रीय निवेशक, किसी अन्य देश के उद्यम की निष्क्रिय होल्डिंग में निवेश करता है, यानी वित्तीय परिसंपत्ति में निवेश करता है, तो इसे एफपीआई के रूप में जाना जाता है।