{"_id":"5f4a28d08ebc3e3cf67f7438","slug":"foreign-currency-reserves-of-india-rose-but-decline-in-gold-reserve","type":"story","status":"publish","title_hn":"537 अरब डॉलर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार, स्वर्ण भंडार में 33.1 करोड़ डॉलर की कमी","category":{"title":"Bazar","title_hn":"बाज़ार","slug":"bazaar"}}
537 अरब डॉलर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार, स्वर्ण भंडार में 33.1 करोड़ डॉलर की कमी
Sat, 29 Aug 2020 03:37 PM IST
डिंपल अलावाधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Sat, 29 Aug 2020 03:37 PM IST
विज्ञापन
विदेशी मुद्रा भंडार (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान 2.296 अरब डॉलर बढ़कर 537.548 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले विदेशी मुद्रा भंडार 14 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान 2.939 अरब डॉलर घटकर 535.252 अरब डॉलर रह गया था।
विज्ञापन
सात अगस्त को रिकॉर्ड ऊंचाई पर था विदेशी मुद्रा भंडार
वहीं विदेशी मुद्रा भंडार सात अगस्त को समाप्त सप्ताह में 3.623 अरब डॉलर बढ़ककर 538.191 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया था। विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि का मुख्य कारण विदेशीमुद्रा आस्तियों का बढ़ना रहा है जो मुद्राभंडार का अहम हिस्सा होता है।
विज्ञापन
2.618 अरब डॉलर बढ़ी विदेशी मुद्रा आस्तियां
समीक्षाधीन अवधि में देश की विदेशी मुद्रा आस्तियां 2.618 अरब डॉलर बढ़कर 494.168 अरब डॉलर के बराबर रहीं। विदेशी मुद्रा आस्तियों का मूल्य डालर के प्रवाह के साथ साथ भंडार में मौजूद यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राओं की डॉलर के साथ विनिमय दर में उतार-चढ़ा से भी प्रभावित होता है।
विज्ञापन
33.1 करोड़ डॉलर घट स्वर्ण भंडार
इस दौरान देश का स्वर्ण भंडार 33.1 करोड़ डॉलर घटकर 37.264 अरब डॉलर रह गया। वहीं देश का अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ विशेष आहरण अधिकार 20 लाख डॉलर बढ़कर 1.481 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान आईएमएफ के पास देश का आरक्षित मुद्रा भंडार भी 60 लाख डॉलर बढ़कर 4.634 अरब डॉलर हो गया।
क्या है विदेशी मुद्रा भंडार?
विदेशी मुद्रा भंडार देश के केंद्रीय बैंकों द्वारा रखी गई धनराशि या अन्य परिसंपत्तियां होती हैं, जिनका उपयोग जरूरत पड़ने पर देनदारियों का भुगतान करने में किया जाता है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। यह आयात को समर्थन देने के लिए आर्थिक संकट की स्थिति में अर्थव्यवस्था को बहुत आवश्यक मदद उपलब्ध कराता है। इसमें आईएमएफ में विदेशी मुद्रा असेट्स, स्वर्ण भंडार और अन्य रिजर्व शामिल होते हैं, जिनमें से विदेशी मुद्रा असेट्स सोने के बाद सबसे बड़ा हिस्सा रखते हैं।