चौथी तिमाही में 2223 करोड़ रुपये के घाटे से 30 फीसदी गिरा DHFL का शेयर
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देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में शुमार दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) का शेयर करीब 30 फीसदी गिर गया। कंपनी ने शनिवार को वित्त वर्ष 2018-19 के चौथी तिमाही के नतीजों को जारी किया था, जिसमें उसको 2223 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
सुबह 10 फीसदी गिरा था शेयर
सोमवार को बाजार की शुरुआत के वक्त ही कंपनी के शेयरों में 10 फीसदी की गिरावट देखने को मिली और यह 61.65 के स्तर पर खुला। वहीं पिछले कारोबारी दिन डीएचएफएल का शेयर 68.50 के स्तर पर बंद हुआ था। कंपनी पिछले वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही से वित्तीय तनाव से गुजर रही है। कंपनी को लगातार गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।
इतना गिरा शेयर
दोपहर के वक्त बीएसई पर शेयर 31.41 फीसदी गिरकर 46.95 पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई पर यह 31.46 फीसदी गिरकर बीएसई के स्तर पर ही कारोबार कर रहा था। ऐसे में कंपनी के बंद होने का खतरा बरकरार हो गया है।
क्या एक और कंपनी होगी दिवालिया?
कंपनी ने कहा कि वो अपनी परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण करना चाहती है और अपने खुदरा और थोक पोर्टफोलियो को बेचने के लिए बैंकों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के साथ चर्चा कर रहा है। कंपनी ने आशीष सराफ जो कि फिलहाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर हैं, उनको मुख्य जोखिम अधिकारी नियुक्त किया है। डीएचएफएल को उम्मीद है कि वह अगस्त 2019 में अपने कारोबार को फिर से शुरू कर सकेगी और इसे आने वाले महीनों में बढ़ाएगी। हालांकि इसके दिवालिया होने का खतरा बरकरार हो गया है।
डीएचएफएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कपिल वधावन ने कहा कि डीएचएफएल का उद्देश्य सभी छोटे और बड़े हितधारकों, लेनदारों और निवेशकों की रक्षा करना जारी रखना है। डीएचएफएल ने सितंबर 2018 से मुख्य रूप से परिसंपत्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्भुगतान संग्रह के माध्यम से 41,800 करोड़ रुपये से अधिक का पुनर्भुगतान किया है।
मौजूदा हालात को देखते हुए कंपनी के आगे चलने पर संदेह है। कंपनी फाइनेंशियल क्राइसिस से गुजर रही है और फंड जुटाने की क्षमता काफी कम हो गई है। इसके साथ ही कोई नए कर्ज की राशि जारी न होने से बिजनेस में स्थिरता आ गई है।
डीएचएफएल) ने कहा है कि उसकी वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अब संचालन मुश्किल हो गया है। डीएचएफएल को जनवरी-मार्च तिमाही में 2,223 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। डीएचएफएल के चैयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कपिल वाधवन का कहना है कि