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SEBI: मार्च तक एक दिन में ही होगा सौदों का निपटान, सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच ने कही यह बात
Sat, 09 Dec 2023 06:40 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Sat, 09 Dec 2023 06:40 AM IST
सार
सेबी जनवरी-फरवरी से सेकंडरी बाजार में भी अस्बा जैसी सुविधा लागू करेगा। इससे निवेशकों के पैसों का दुरुपयोग नहीं होगा। बुच ने कहा, एप्लीकेशन सपोर्टेड बाई ब्लॉक्ड अमाउंट (अस्बा) जैसी सुविधा अभी प्राइमरी बाजार यानी आईपीओ में है।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने अगले साल मार्च से शेयरों की खरीद-फरोख्त का निपटान एक दिन में ही करने की योजना बनाई है। यानी आप जिस दिन शेयर खरीदेंगे या बेचेंगे, उसी दिन यह पूरा हो जाएगा। अभी यह सौदों के अगले दिन होता है। सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच ने शुक्रवार को भारतीय उद्योग परिसंघ के एक कार्यक्रम में कहा, एक दिन वाला नियम सफल रहा तो एक साल बाद यह निपटान एक दिन के बजाय तुरंत हो जाया करेगा। चालू वित्त वर्ष में ही एक दिन की योजना को शुरू कर दिया जाएगा। चीन के बाद भारत दूसरा बाजार है, जहां एक दिन में निपटान होता है। बाकी देशों में दो दिन लगते हैं।
सेकंडरी बाजार में भी अस्बा जैसी सुविधा
सेबी जनवरी-फरवरी से सेकंडरी बाजार में भी अस्बा जैसी सुविधा लागू करेगा। इससे निवेशकों के पैसों का दुरुपयोग नहीं होगा। बुच ने कहा, एप्लीकेशन सपोर्टेड बाई ब्लॉक्ड अमाउंट (अस्बा) जैसी सुविधा अभी प्राइमरी बाजार यानी आईपीओ में है। इसका मतलब है कि जब आपको शेयर मिलेगा, तभी खाते से पैसे कटेंगे। शेयर नहीं मिला तो बैंक खाते से पैसा नहीं कटेगा। हालांकि, पैसा फिर भी ब्लॉक रहेगा। इससे निवेशक सालाना 3,500 करोड़ रुपये बचा सकेंगे।
किर्लोस्कर मामले में चूक पर अफसोस
सेबी प्रमुख बुच ने कहा, प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) के निर्देश के बावजूद किर्लोस्कर इंडस्ट्रीज में किर्लोस्कर परिवार के सदस्यों के शेयरों को जब्ती से हटाने में विफलता पर गहरा अफसोस है। इसके पीछे जो भी कारण हो, डिपॉजिटरी के साथ सेबी भी जिम्मेदार था। नियामक की नया परिसंपत्ति वर्ग लाने की योजना : पूंजी बाजार नियामक एक नया परिसंपत्ति वर्ग लाने पर विचार कर रहा है। यह वर्ग म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (पीएमएस) के बीच रहेगा। नया उत्पाद उच्च जोखिम वाले निवेशकों के लिए होगा। बुच ने कहा, निवेशकों के लिए काफी परिसंपत्ति वर्ग हैं। म्यूचुअल फंड में ज्यादातर खुदरा निवेशक हैं। साथ ही पीएमएस भी है। प्राइवेट इक्विटी के लिए वैकल्पिक निवेश कोष है। हमें लगता है कि म्यूचुअल फंड और पीएमएस के बीच कहीं न कहीं एक और परिसंपत्ति वर्ग की जरूरत है।
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सेकंडरी बाजार में भी अस्बा जैसी सुविधा
सेबी जनवरी-फरवरी से सेकंडरी बाजार में भी अस्बा जैसी सुविधा लागू करेगा। इससे निवेशकों के पैसों का दुरुपयोग नहीं होगा। बुच ने कहा, एप्लीकेशन सपोर्टेड बाई ब्लॉक्ड अमाउंट (अस्बा) जैसी सुविधा अभी प्राइमरी बाजार यानी आईपीओ में है। इसका मतलब है कि जब आपको शेयर मिलेगा, तभी खाते से पैसे कटेंगे। शेयर नहीं मिला तो बैंक खाते से पैसा नहीं कटेगा। हालांकि, पैसा फिर भी ब्लॉक रहेगा। इससे निवेशक सालाना 3,500 करोड़ रुपये बचा सकेंगे।
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किर्लोस्कर मामले में चूक पर अफसोस
सेबी प्रमुख बुच ने कहा, प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) के निर्देश के बावजूद किर्लोस्कर इंडस्ट्रीज में किर्लोस्कर परिवार के सदस्यों के शेयरों को जब्ती से हटाने में विफलता पर गहरा अफसोस है। इसके पीछे जो भी कारण हो, डिपॉजिटरी के साथ सेबी भी जिम्मेदार था। नियामक की नया परिसंपत्ति वर्ग लाने की योजना : पूंजी बाजार नियामक एक नया परिसंपत्ति वर्ग लाने पर विचार कर रहा है। यह वर्ग म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (पीएमएस) के बीच रहेगा। नया उत्पाद उच्च जोखिम वाले निवेशकों के लिए होगा। बुच ने कहा, निवेशकों के लिए काफी परिसंपत्ति वर्ग हैं। म्यूचुअल फंड में ज्यादातर खुदरा निवेशक हैं। साथ ही पीएमएस भी है। प्राइवेट इक्विटी के लिए वैकल्पिक निवेश कोष है। हमें लगता है कि म्यूचुअल फंड और पीएमएस के बीच कहीं न कहीं एक और परिसंपत्ति वर्ग की जरूरत है।
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