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BSE New Norms: बीएसई ने एसएमई को मुख्य बोर्ड में स्थानांतरित करने के लिए ढांचे को किया मजबूत, जानिए अपडेट
Mon, 11 Aug 2025 07:09 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 11 Aug 2025 07:09 PM IST
सार
BSE New Norms: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने सोमवार को मुख्य बाजार में आने की इच्छुक लघु व मध्यम उद्यम (एसएमई) कंपनियों व अन्य एक्सचेंजों में सूचीबद्ध कंपनियों जो प्रत्यक्ष रूप से सूचीबद्ध होने की इच्छुक हैं, के लिए पात्रता मानदंडों को कड़ा कर दिया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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बीएसई के नए नियम
- फोटो : PTI
विस्तार
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने सोमवार को मुख्य बाजार में आने की इच्छुक लघु व मध्यम उद्यम (एसएमई) कंपनियों व अन्य एक्सचेंजों में सूचीबद्ध कंपनियों जो प्रत्यक्ष रूप से सूचीबद्ध होने की इच्छुक हैं, के लिए पात्रता मानदंडों को कड़ा कर दिया है। बीएसई ने एक बयान में कहा कि इस कदम का उद्देश्य "पारदर्शिता, प्रकटीकरण को बढ़ावा देना और इस तरह लिस्टिंग की गुणवत्ता में सुधार करना" है।
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परिवर्तन के एक भाग के रूप में, एसएमई के स्थानांतरण या मेनबोर्ड पर प्रत्यक्ष लिस्टिंग के लिए, एक्सचेंज ने पिछले 3 वित्तीय वर्षों में परिचालन लाभप्रदता की आवश्यकता को बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया है। नए निर्देशों के अनुसार हर वित्तीय वर्ष में न्यूनतम परिचालन लाभ 10 करोड़ रुपये होना चाहिए। वहीं पहले 3 में से कम से कम 2 वित्तीय वर्षों में सकारात्मक परिचालन लाभ की आवश्यकता थी।
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इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक शेयरधारकों की न्यूनतम संख्या 250 से बढ़ाकर 1,000 कर दी गई है।
इसके अलावा, माइग्रेशन या प्रत्यक्ष लिस्टिंग के माध्यम से मुख्य बोर्ड पर आने की इच्छुक कंपनियों में पिछले छह महीनों के दौरान सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों की भारित औसत संख्या के कम से कम 5 प्रतिशत का कारोबार जरूरी कर दिया गया है। यह कारोबार छह महीने की अवधि के दौरान कम से कम 80 प्रतिशत दिनों में होना चाहिए। इसके अलावा, कंपनियों के पास पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 3 करोड़ रुपये की शुद्ध मूर्त संपत्ति होनी चाहिए। उनके पास तीन वर्षों का अनुपालन ट्रैक रिकॉर्ड भी होना चाहिए।
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