हड़ताल से 15,000 करोड़ के लेन-देन हो सकते हैं प्रभावित: एसोचैम
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों की एक-दिवसीय हड़ताल से 12,000-15,000 करोड़ रुपये के लेन-देन के प्रभावित होने की संभावना है। यह बात एसोचैम ने कही है। हड़ताल एसबीआई में सहयोगी बैंकों के प्रस्तावित विलय और अन्य मुद्दों के विरोध में की गई है।
शुक्रवार को इस हड़ताल के चलते देश में 80,000 ब्रांचों में सेवाऐं प्रभावित हुईं।
हालांकि आईसीआईसीआई बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बैंक सामान्य रूप से काम कर रहे थे। एसबीआई समेत सार्वजनिक क्षेत्र के ज्यादातर बैंकों ने अपने ग्राहकों को हड़ताल से होने वाली असुविधा के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था।
यूएफबीयू ने की इस हड़ताल की अगुवाई
द यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक्स यूनियंस (यूएफबीयू) ने इस हड़ताल की अगुवाई की। 9 बैंक कर्मचारी और अधिकारी यूनियनों वाली यूएफबीयू ने 8 लाख कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व किया। हड़ताल से ब्रांचों में चेक क्लीयरेंस, कैश डिपोजिट और पैसे निकालने जैसी सेवाएं व अन्य सुविधाएं प्रभावित हुईं।
एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल, डीएस रावत ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) पहले से ही कम फायदेमंद हैं और निजी क्षेत्र के बैंकों की तुलना में उनके नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) का अनुपात बहुत ज्यादा है।
यूएफबीयू के हड़ताल के फैसले से पूरी तरह ठप बैंकिंग लेन-देन के चलते बड़ा नुकसान हो सकता है। रावत ने बैंकिंग सेक्टर के सुधारों को समय की मांग करार दिया और पीएसबी के कामकाज में सुधार किए जाने का विचार प्रस्तुत किया।