एलओयू पर बैन लगने से बैंकिंग शेयरों की आई शामत, सेंसेक्स में दिखी बड़ी गिरावट
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मंगलवार को लेटर ऑफ अंडरस्टेंडिंग (एलओयू) जारी करने पर बैन लगाने के बाद शेयर बाजार में इसका साफ असर देखने को मिला। बैंकिंग शेयरों की शामत की वजह से बुधवार को सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार में 123 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। वहीं निफ्टी 33 अंकों की गिरावट के साथ खुला।
बैंक शेयरों में गिरावट
बैंकिंग, एफएमसीजी, मेटल, ऑयल एंड गैस और पावर शेयरों में बिकवाली दिख रही है। निफ्टी पर पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1.94 फीसदी गिरावट दिख रही है। वहीं, निफ्टी बैंक में 0.75 फीसदी गिरावट है। प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.71 फीसदी गिरावट है। मिडकैप शेयरों में केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, यूनियन बैंक और रिलायंस कम्यूनिकेशंस में 1.9 से 3.6 फीसदी तक गिरावट है।
पीएनबी घोटाले से लिया सबक
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुए हालिया घोटाले से सबक लेते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने तय किया है कि अब देश के सभी बैंक आयात के लिए कंपनियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) जारी नहीं कर सकेंगे।
रिजर्व बैंक द्वारा मंगलवार को जारी एक अधिसूचना के मुताबिक, आयात के लिए ट्रेड क्रेडिट के तौर पर कोई भी वाणिज्यिक बैंक एलओयू और एलओसी जारी नहीं कर पाएगा। इस सुविधा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। माना जा रहा है कि पीएनबी को नीरव मोदी और मेहुल चोकसी द्वारा एलओयू के नाम पर चूना लगाने की घटना से सबक लेते हुए रिजर्व बैंक ने यह फैसला किया है।
कारोबारियों को होगी दिक्कत
रिजर्व बैंक ने भले ही एहतियातन यह कदम उठाया है, लेकिन इससे कई कारोबारियों को दिक्कत हो सकती है। जानकारों के मुताबिक, इसके चलते आयात-निर्यात कारोबार करने वालों के सामने परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। उल्लेखनीय है कि पंजाब नेशनल बैंक में हुए 12,700 करोड़ रुपये के घोटाले में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी मुख्य आरोपी हैं। इस मामले की जांच सीबीआई, ईडी और एसएफआईओ कर रहे हैं। नीरव मोदी और मेहुल चोकसी देश छोड़ कर भाग चुके हैं।