Adani Group: अदाणी समूह की ओर से आरोपों पर सफाई के बाद शेयर 20% तक चढ़े, समूह की कंपनियों में दिखी रिकवरी
Adani Group: अदाणी समूह की ओर से यह स्पष्ट किए जाने के बाद कि गौतम अदाणी, सागर अदाणी और वरिष्ठ कार्यकारी विनीत जैन पर अमेरिकी विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) के तहत कोई आरोप नहीं है, समूह की कंपनियों के शेयरों में 20% तक का उछाल आया। आइए जानें समूह के शेयरों का बुधवार को शेयर बाजार में कैसा प्रदर्शन रहा।
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अदाणी समूह की सभी कंपनियों के शेयरों में बुधवार को तेजी रही। अदाणी टोटल गैस और अदाणी पावर के शेयरों में पिछले दिन की गिरावट के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत की तेजी आई। बीएसई पर अदाणी टोटल गैस का शेयर 19.76 प्रतिशत, अदाणी पावर का 19.66 प्रतिशत, अदाणी एंटरप्राइजेज का 11.56 प्रतिशत, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का 10 प्रतिशत और अदाणी ग्रीन एनर्जी का 10 प्रतिशत चढ़ा।
एनडीटीवी के शेयरों में 9.35 प्रतिशत, अदाणी विल्मर में 8.46 प्रतिशत, अदाणी पोर्ट्स में 6.29 प्रतिशत, सांघी इंडस्ट्रीज (4.73 प्रतिशत), अंबुजा सीमेंट्स (4.40 प्रतिशत) और एसीसी (4.16 प्रतिशत) के शेयरों में उछाल आया। शेयरों में तेजी के कारण समूह की कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन 1,24,693.19 करोड़ रुपये बढ़ गया। अदाणी पावर, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, अदाणी ग्रीन एनर्जी और अदाणी टोटल गैस भी दिन के दौरान अपने ऊपरी सर्किट सीमा तक पहुंच गए।
मंगलवार को सात प्रतिशत तक टूटे थे अदाणी समूह के शेयर
मंगलवार को अदाणी समूह की सभी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें अदाणी ग्रीन एनर्जी में 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार में बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स 230.02 अंक या 0.29 प्रतिशत चढ़कर 80,234.08 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 80.40 अंक या 0.33 प्रतिशत चढ़कर 24,274.90 अंक पर बंद हुआ।
अदाणी समूह की एक इकाई ने बुधवार को कहा कि संकटग्रस्त अरबपति गौतम अदाणी और उनके सहयोगियों पर अमेरिकी विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम के तहत आरोप नहीं लगाया गया है, साथ ही उन्होंने कहा कि उन पर प्रतिभूति और वायर धोखाधड़ी सहित तीन अन्य आरोप भी लगे हैं, जो मौद्रिक जुर्माने से दंडनीय हैं।
अदाणी ग्रीन एनर्जी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में आरोपों को नकारा
अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में कहा कि पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क की एक अदालत में दायर अमेरिकी न्याय विभाग (यूएस डीओजे) के अभियोग में बंदरगाहों से ऊर्जा तक कारोबार करने वाली इस कंपनी के संस्थापक अध्यक्ष गौतम अदाणी, उनके भतीजे सागर या विनीत जैन का एफसीपीए का उल्लंघन करने की साजिश से संबंधित किसी भी मामले में उल्लेख नहीं किया गया है।
एजीईएल पर आरोप है कि उसने सौर ऊर्जा बिक्री अनुबंध हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 265 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रिश्वत दी, जिससे कंपनी को 20 वर्ष की अवधि में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का मुनाफा हो सकता था।
कंपनी ने कहा कि तीनों- एजीईएल के अधिकारी पर केवल प्रतिभूति धोखाधड़ी की साजिश, वायर धोखाधड़ी की साजिश और प्रतिभूति धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। आम तौर पर, ऐसे आरोपों के लिए दंड रिश्वतखोरी की तुलना में कम गंभीर होते हैं। अदाणी समूह ने पिछले सप्ताह सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इनकार कर दिया था और कहा था कि वह अपने बचाव के लिए कानूनी सहारा लेगा।