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पीएनबी, एसबीआई को 11 साल में फर्जीवाड़े से हुआ सबसे ज्यादा नुकसानः आरबीआई

Wed, 12 Jun 2019 06:47 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Wed, 12 Jun 2019 06:47 PM IST
सार

  • आरबीआई ने 11 वित्त वर्ष में बैंकिंग क्षेत्र में हुई धोखाधड़ी के जारी किए आंकड़े
  • 2.05 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ बैंकों को धोखाधड़ी से 
  • 53 हजार से ज्यादा बैंकिंग फर्जीवाड़े के मामले सामने आए इस दौरान 

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scam in pnb and sbi cause lost of two lakh crore rupees in 11 years

विस्तार

पिछले एक दशक में बैंकिंग क्षेत्र में फर्जीवाड़े से सबसे ज्यादा नुकसान सरकारी बैंक एसबीआई और पीएनबी को हुआ है। रिजर्व बैंक ने बुधवार को बताया कि इस दौरान धोखाधड़ी के सबसे ज्यादा मामले निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक के साथ पेश आए, जबकि पैसों के मामले में स्टेट बैंक को पंजाब नेशनल बैंक को सबसे ज्यादा चपत लगी।

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आरबीआई के अनुसार, 2008-09 से 2018-19 के दौरान बैंकिंग क्षेत्र के साथ 53,334 धोखाधड़ी के मामले उजागर हुए, जिसमें 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत बैंकों को लगी। सबसे ज्यादा नुकसान सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक को हुआ जिसे धोखाधड़ी के 2,047 मामलों में 28,700.74 करोड़ रुपये की चपत लगी।
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दूसरे स्थान पर एसबीआई रहा जिसे 6,793 धोखाधड़ी के मामलों में 23,734.74 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, धोखाधड़ी के सबसे ज्यादा मामले निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक के साथ पेश आए और उसे 11 वर्षों में 6,811 फर्जीवाड़े का सामना करना पड़ा, जिसमें 5,033.81 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में तीसरे स्थान पर एचडीएफसी बैंक रहा जिसमें धोखाधड़ी के 2,497 मामले पेश आए और बैंक को 1,200.79 करोड़ रुपये की चपत लगी।

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ये बैंक भी बने शिकार

बैंक ऑफ बड़ौदा को भी 2,160 धोखाधड़ी के मामलों में 12,962.96 करोड़ रुपये की चपत लगी, जबकि एक्सिस बैंक को 1,944 मामलों में 5,301.69 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बैंक ऑफ इंडिया को 1,872 मामलों में 12,358.2 करोड़, सिंडीकेट बैंक को 1,783 मामलों में 5,830.85 करोड़, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 1,613 मामलों में 9041.98 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा आईडीबीआई बैंक को 1,264 फर्जीवाड़े के मामले मेें 5,978.96 करोड़ और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 1,244 मामलों में 11,830.74 करोड़ की चपत लगी। 

विदेशी बैंक भी नहीं बचे

फर्जीवाड़ा करने वालों ने विदेशी बैंकों को भी नहीं बख्शा और पिछले 11 वर्षों में अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉरपोरेशन के साथ 1,862 धोखाधड़ी के मामले पेश आए। इसमें बैंक को 86.21 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसी तरह, सिटी बैंक को 1,764 मामलों में 578.09 करोड़ , एचएसबीसी को 1,173 मामलों में 312.1 करोड़, रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड को 216 मामलों में 12.69 करोड़ की चपत लगी है। 

साल दर साल बढ़ता गया फर्जीवाड़ा

बैंकों के साथ फर्जीवाड़े के मामलों में साल दर साल इजाफा होता गया। 2008-09 में जहां 4,372 धोखाधड़ी के मामले सामने आए, वहीं 2014-15 में यह आंकड़ा बढ़कर 4,639 हो गया। इसके बाद 2015-16 में 4,693 मामलों का खुलासा हुआ जबकि 2016-17 में यह बढ़कर 5,076 पहुंच गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2017-18 में फर्जीवाड़े का कुल आंकड़ा बढ़कर 6,801 पहुंच गया। 

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