PNB Scam: नीरव मोदी, मेहुल चोकसी जल्द घोषित होंगे विलफुल डिफॉल्टर, यह कंपनी करेगी जांच
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पंजाब नेशनल बैंक में हुए 114 अरब के महाघोटाले में नीरव मोदी, मेहुल चोकसी को विलफुल डिफॉल्टर घोषित करने की तैयारी शुरू हो गई है। बैंक ने एक मल्टीनेशनल ऑडिट कंपनी प्राइसवॉटर हाउस कूपर्स (पीडब्लूसी) को सबूत इकठ्ठा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नीरव मोदी की अघोषित संपत्ति को ढूंढेगा
पीएनबी की तरफ से पीडब्लूसी को जारी किए गए वर्क डॉक्यूमेंट के मुताबिक कंपनी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की उन अघोषित संपत्तियों के बारे में भी पता लगाएगी, जिनकी घोषणा कंपनी की बैलेंस शीट में जिक्र तक नहीं है।
इसके अलावा कैसे लेटर ऑफ अंडरटेकिंग का इन लोगों ने गलत प्रयोग किया, लोन की राशि का कहां पर इस्तेमाल किया, इन सब की जानकारी भी कंपनी इकठ्ठा करेगी। बैंक सभी तरह की मिली जानकारी का इस्तेमाल कोर्ट में सबूत के तौर पर करेगा।
इन कंपनियों के खातों की होगी जांच
पीडब्लूसी नीरव मोदी की पांच कंपनियों--फायरस्टार डायमंड, फायरस्टार इंटरनेशनल, सोलर एक्सपोर्ट, स्टेलर डायमंड और डायमंड आर यूएस के सभी खातों की जांच भी करेगा। यह सभी जांच 2011 से शुरू होगी।
होगी फोरेंसिक स्क्रूटनी
इन कंपनियों की फोरेंसिक स्क्रूटनी भी होगी। पीएनबी इन सबूतों के जरिए नीरव और मेहुल को विलफुल डिफॉल्टर भी घोषित करने की तैयारी में है। इसके साथ ही सभी प्रकार के बोगस ट्रांजेक्शन का भी कंपनी को खुलासा करने को कहा गया है।
सीबीआई के साथ साझा करेंगे सबूत
बैंक पीडब्लूसी द्वारा इकठ्ठा किए गए सबूतों को सीबीआई के साथ साझा करेगी ताकि इन लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जा सके। इसके साथ ही पीडब्लूसी बैंक को अपना इंटरनल प्रोसेस और रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम को पुख्ता करने के लिए भी सलाह देगा।