बाउंस चेक पर भी मिलेगा पैसा, सरकार करेगी कानून में बदलाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जल्द ही बैंक में बाउंस हुए चेक पर भी पैसा मिलने लगेगा। इसके लिए वित्त मंत्रालय कानून में बदलाव करने पर विचार कर रहा है। अभी चेक के बाउंस होने पर बैंक जहां पेनाल्टी वसूलता है, वहीं इस पर मुहर लगाकर वापस कर दिया जाता है। हालांकि पेमेंट लेने के लिए चेक जारी करने वाले व्यक्ति या कंपनी को दुबारा से इसे जारी करना पड़ता है, जिससे समय का और आर्थिक नुकसान होता है।
वित्त मंत्रालय ने जारी किया स्टेटमेंट
वित्त मंत्रालय ने स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन और चेक पेमेंट करने के मामले में हम तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। डिजिटल के बावजूद चेक के जरिए पेमेंट की संख्या में किसी तरह की कोई कमी नहीं आई है। इसलिए सरकार अब Negotiable Instruments Act में संशोधन करने पर विचार कर रही है।
अभी भी होता है चेक से ज्यादा पेमेंट
नोटबंदी के बाद सरकार द्वारा डिजिटल पेमेंट को काफी बढ़ावा देने के बावजूद भी ज्यादातर कारोबारी चेक के जरिए पेमेंट करते हैं, लेकिन कई बार चेक डिसऑनर हो जाते हैं। खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के अलावा चेक बाउंस होने के कई कारण होते हैं जिनमें कटिंग, सिगनेचर मिसमैच, शब्दों में राशि लिखते वक्त and या 'और' का प्रयोग करने से भी चेक बाउंस हो जाता है।
चेक बुक सुविधा नहीं होगी वापस
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बृहस्पतिवार को कहा कि चेकबुक सुविधा वापस लेने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। सरकार की तरफ से यह स्पष्टीकरण मीडिया के कुछ हिस्सों में उन खबरों के बाद आया है जिसमें कहा जा रहा था कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार निकट भविष्य में चेकबुक सुविधा वापस ले सकती है।
वित्त मंत्रालय की तरफ से ट्वीट में कहा गया, ‘भारत सरकार यह पुष्टि करती है कि बैंकों की तरफ से चेकबुक सुविधा वापस लेने का उसके पास कोई प्रस्ताव नहीं है।’
मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार देश को लैस कैश अर्थव्यवस्था में बदलने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। लेकिन चेक भुगतान परिदृश्य का अभिन्न हिस्सा है। इसमें कहा गया कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के रूप में चेक व्यापार और वाणिज्य की रीढ़ की हड्डी है।