फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Banking Beema ›   banks strike for two days in january second week

अगले महीने दो दिन फिर से रहेगी बैंक हड़ताल, निपटा लें अपने जरूरी काम

Sat, 29 Dec 2018 01:09 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Sat, 29 Dec 2018 01:09 PM IST
विज्ञापन
banks strike for two days in january second week
हड़ताल - फोटो : self

नए साल की शुरुआत में एक और बैंक हड़ताल के लिए ग्राहक तैयार हो जाएं। बैंकों के कुछ यूनियन जनवरी के दूसरे हफ्ते में हड़ताल का आयोजन करने जा रहे है। दो महीने में यह दूसरी बार ऐसा होगा, जब बैंकों में हड़ताल होने जा रही है।

विज्ञापन


हालांकि इस हड़ताल में कई बैंक यूनियन शामिल नहीं होंगे। लेकिन हमारी सलाह है कि आप अपने बैंकिंग कार्य समय से पहले निपटा लें ताकि दिक्कतों का सामना न करना पड़े। 
विज्ञापन


दो दिन की हड़ताल, चार दिन बंद रह सकते हैं बैंक

यह हड़ताल तो दो दिन होगी, लेकिन इसका असर चार दिनों तक देखने को मिल सकता है। बैंक में हड़ताल 8 और 9 जनवरी को है। इससे पहले 6 जनवरी को रविवार है। 7 जनवरी को सोमवार है। हड़ताल बुधवार और गुरुवार को होगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह संगठन होंगे शामिल

बैंक कर्मचारियों की दो यूनियन--ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) और बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) से संबंधित कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे। यह दोनों संगठन वाम मोर्चा से संबंधित हैं। देश में बैंक कर्मचारियों के कुल नौ संगठन हैं। ऐसे में 6 संगठनों से जुड़े बैंक कर्मचारी हड़ताल से दूरी बनाए रखेंगे। 

नेशनल ऑर्गेनाईजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स के उपाध्यक्ष अश्विनी राणा ने कहा है कि यह एक राजनीतिक हड़ताल है और इसका बैंक कर्मचारियों के मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए सात यूनियन इसमें हिस्सा नहीं लेंगी। 

हड़ताल के चलते अरबों रुपये की क्लियरिंग प्रभावित होने की आशंका है। इससे व्यापारियों के काम तो अटकेंगे, इसके चलते कई सरकारी कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) और नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) नेशनल पेमेंट कारपोरेशन आफ इंडिया (एनपीसीआई) के गेटवे से होते हैं।


देश भर में हर महीने औसतन एक लाख अरब रुपये आरटीजीएस और करीब 15350 अरब रुपये एनईएफटी के जरिये ट्रांसफर होते हैं। इलेक्ट्रानिक पेमेंट सिस्टम के ये दोनों बड़े गेटवे बंद होने का असर बैंकिंग लेनदेन पर पड़ेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed