आज 30 जनवरी है। 72 साल पहले यानी 1948 में आज ही के दिन भारत के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गांधी की हत्या हुई थी और हत्यारे का नाम था नाथूराम गोडसे। उसने अपनी पिस्टल से एक के बाद एक तीन गोलियां गांधीजी के शरीर में उतार दी थीं। इस घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। सभी के चेहरे पर मायूसी थी। हालांकि उस वक्त तक तक बहुत से लोगों को ये नहीं पता था कि गांधीजी की मौत हो चुकी है। बाद में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने लोगों को बताया था कि गांधीजी अब इस दुनिया में नहीं हैं।
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नाथूराम गोडसे
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उधर, गांधीजी की हत्या के जुर्म में नाथूराम गोडसे को गिरफ्तार कर लिया गया। उसपर एक साल से भी अधिक समय तक मुकदमा चला। इस दौरान उसने अदालत में अपना जुर्म भी कबूल किया और कहा कि उसी ने गांधीजी को मारा है। अपना पक्ष रखते हुए गोडसे ने अदालत में कहा था, 'गांधीजी ने जो देश की सेवा की है, उसका मैं आदर करता हूं और इसीलिए उनपर गोली चलाने से पहले मैं उनके सम्मान में झुका भी था, लेकिन चूंकि उन्होंने अखंड भारत के दो टुकड़े कराए, इसीलिए मैंने उन्हें गोली मारी।'
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आखिरकार आठ नवंबर, 1949 को अदालत ने गोडसे को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इसके बाद 15 नवंबर, 1949 को उसे अंबाला जेल में फांसी दे दी गई। फांसी से पहले गोडसे के एक हाथ में गीता और अखंड भारत का नक्शा था और दूसरे हाथ में भगवा झंडा था। कहा जाता है कि फांसी का फंदा पहनाए जाने से पहले गोडसे ने 'नमस्ते सदा वत्सले' का उच्चारण किया था और साथ ही नारे भी लगाए थे।
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नाथूराम गोडसे की अस्थियां
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शायद आप न जानते हों, लेकिन नाथूराम गोडसे की अस्थियां आज तक नदी में प्रवाहित नहीं की गई हैं। वो पुणे के शिवाजी नगर इलाके में स्थित एक इमारत के कमरे में सुरक्षित रखी हुई हैं। उस कमरे में गोडसे के अस्थि कलश के अलावा उसके कुछ कपड़े और हाथ से लिखे नोट्स भी संभालकर रखे गए हैं।
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नाथूराम गोडसे
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नाथूराम गोडसे की भतीजी हिमानी सावरकर ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि फांसी के बाद गोडसे का शव भी उन्हें नहीं दिया गया था बल्कि सरकार ने खुद घग्घर नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके बाद उनकी अस्थियां हमें एक डिब्बे में भरकर दे दी गई थीं। आपको बता दें कि गोडसे की एक अंतिम इच्छा थी और इसीलिए उनके परिवार ने आज तक उनकी अस्थियों को नदी में नहीं बहाया है बल्कि उसे एक चांदी के कलश में सुरक्षित रखा गया है।