क्या आप भी नहाते समय करते हैं ये अजीब हरकत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सड़क किनारे पेशाब करने का चलन भारत में काफी पुराना है लेकिन लोग स्वीमिंग पूल, नदी और शावर के नीचे तक यूरिन कर डालते हैं।
अगर आपसे कोई कहे कि वो कहीं भी नहाते वक्त यूरिन कर देता है तो आपको कैसा लगेगा। आप नाक भौं सिकोड़ेंगे लेकिन हकीकत में आप भी कई बार ऐसा करते हैं।
आप मानें या ना मानें लेकिन ज्यादातर लोग नहाते समय बाथरूम में पेशाब करना पसंद करते हैं।बचपन से हमें मां-बाप सिखाते हैं कि मल-मूत्र हमेशा टॉयलेट में जाकर करना चाहिए, साफ जगह पर पेशाब करना गलत बात होती है।
आप मां-बाप की बात को सही भी मानें तो लोगों के इस बदलते व्यवहार को नकार भी नहीं सकते। लोगों द्वारा नहाते वक्त बाथरूम या नदियों में किए जा रहे पेशाब को आप गलत या सही जो भी मानें यह आप पर है कि आप इसको किस नजर से देखते हैं। लोग नहाते वक्त यूरिन करना क्यों पसंद कर रहें हैं इसके कई कारण हैं।
लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं इसके तीन कारण हैं
इसे आम लोगों की टेंडेंसी के रूप में देखना ज्यादा आसान होगा। दरअसल जब आपका पूरा शरीर ठंडे पानी में देर तक रहेगा तो मूत्राशय पर दबाव पडता है और इस वजह से मूत्र तंत्र सक्रिय हो उठता है। ऐसे में आप आलस के मारे कहीं और जाकर यूरिन करने की बजाय नहाते वक्त ही करना पसंद करते हैं।
स्विमिंग पूल में तो बाकायदा यूरिन करने वालों की पहचान के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं। यहां पानी में 'यूरीन इंडिकेटर डाई' नाम का ऐसा केमिकल मिला दिया जाता है जिसकी वजह यूरिन के पूल के पानी के संपर्क में आते ही आस पास के पानी का रंग बदल कर नीला हो जाता है।
पेशाब करने के बाद सबसे बड़ा झंझट है
तीसरी औऱ सबसे बड़ी वजह हो सकती है शर्मिंदगी की। खुद ही सोचिए, आप नदी में नहा रहे हैं और मूत्राशय पर दबाव पडने पर आप क्या गीले और नंगे बदन बाथरूम खोजने जाएंगे।
भारत में तो कम से कम ऐसा संभव नहीं है। विदेशों में जरूर हर स्विमिंग पूल में यूटिलिटी की व्यवस्था है लेकिन भारत में ऐसा न होना ही लोगो के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ की वजह है।