फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दो देशों के बीच में बना वो घर, जहां एक कदम बढ़ाते ही लोग पहुंच जाते हैं अलग मुल्क में

Mon, 23 Mar 2020 04:36 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Mon, 23 Mar 2020 04:36 PM IST
विज्ञापन
The house between two countries Baarle Hertog and Baarle Nassau villages is famous for its complicated borders
दो देशों के बीच में बना घर - फोटो : Social media

धरती पर ऐसी कई जगहें हैं, जो दुनिया के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं हैं। आज हम आपको एक ऐसे घर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दो देशों के बीच में पड़ता है। यानी उस घर का आधा हिस्सा एक देश में तो आधा किसी और देश में पड़ता है। ऐसे किसी घर के बारे में शायद ही आपने कभी सुना हो, लेकिन यह दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने के लिए आते हैं और अपने साथ बेहद ही खूबसूरत या यूं कहें कि अजीबोगरीब यादें लेकर जाते हैं।  

The house between two countries Baarle Hertog and Baarle Nassau villages is famous for its complicated borders
दो देशों के बीच में बना घर - फोटो : Social media

यह घर नीदरलैंड और बेल्जियम दोनों देशों की सीमा के बीच है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस घर में दो डोरबेल लगे हुए हैं, एक नीदरलैंड की तरफ तो दूसरा बेल्जियम की तरफ। यहां सीमा (बॉर्डर) को दर्शाने के लिए एक पट्टी भी बनाई गई है और उसे चिह्नित किया गया है, ताकि पता चले कि कौन सा हिस्सा नीदरलैंड में है और कौन सा बेल्जियम में। 

The house between two countries Baarle Hertog and Baarle Nassau villages is famous for its complicated borders
दो देशों के बीच में बना कैफे - फोटो : Social media

यहां सिर्फ एक घर ही नहीं है, जो दो देशों में पड़ता है। इसके अलावा यहां कई दुकानें, कैफे और रेस्टोरेंट भी हैं, जो नीदरलैंड और बेल्जियम दोनों देशों के बीचों-बीच हैं। यानी कि यहां आप कदम भी बढ़ाएंगे तो दूसरे देश में पहुंच जाएंगे और आपको पता भी नहीं चलेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
The house between two countries Baarle Hertog and Baarle Nassau villages is famous for its complicated borders
दो देशों के बीच में बना गांव - फोटो : Social media

दरअसल, साल 1831 में बेल्जियम की आजादी के बाद नीदरलैंड और बेल्जियम के बीच जब सीमा का निर्धारण हो रहा था, तब दोनों देशों के दो गांव बीच में पड़ गए थे। ये गांव हैं बार्ले-नस्सो और बार्ले-हरटोग। अब चूंकि इन्हें अलग करना मुश्किल था, इसलिए दोनों देशों की सरकारों ने आपसी सहमति से दोनों गांवों के बीच एक पट्टी बना दी और नीदरलैंड और बेल्जियम की सीमाओं को चिह्नित कर दिया। 

विज्ञापन
The house between two countries Baarle Hertog and Baarle Nassau villages is famous for its complicated borders
दो देशों के बीच में बनी दुकान - फोटो : Social media

अब बार्ले-नस्सो और बार्ले-हरटोग नीदरलैंड और बेल्जियम दोनों देशों के बीच में पड़ते हैं। यहां की सबसे खास बात है कि न तो यहां बॉर्डर पर कोई फौज दिखाई देती है और न ही किसी तरह की सुरक्षा का इंतजाम है। इसके अलावा दोनों गांवों के लोगों को एक-दूसरे के देश में जाने के लिए वीजा या पासपोर्ट की भी जरूरत नहीं पड़ती। यहां बड़े आराम से लोग एक देश से दूसरे देश चले जाते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed