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SUN: सूरज की पहले कभी नहीं देखी होगी ऐसी तस्वीर, सतह पर हर तरफ धधक रही आग

Sat, 08 Aug 2026 05:52 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र कुमार सिंह Updated Sat, 08 Aug 2026 05:52 PM IST
सार

SUN: वैज्ञानिकों ने सूरज की पहली बार सबसे हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें कैमरे में कैद की हैं। इसमें  सूरज की सतह पर छोटे-छोटे घूमते चुंबकीय भंवर देख गए हैं। 

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The highest-resolution view of the Sun ever captured is revealing magnetic secrets hidden in its surface
सूरज की पहले कभी नहीं देखी होगी ऐसी तस्वीर, सतह पर हर तरफ धधक रही आग - फोटो : (NSF/NSO/AURA/MPS)

विस्तार

SUN: दुनिया ने पहली बार सूरज की सबसे हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें देखी हैं। वैज्ञानिकों ने दुनिया की सबसे शक्तिशाली सौर दूरबीन डैनियल के इनोये सोलर टेलीस्कोप का इस्तेमाल कर सूरज की अभी तक सबसे हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। 5 अगस्त को यह शोध जर्नल नेचर में प्रकाशित किया गया था। वैज्ञानिकों ने हवाई के माउई द्वीप पर मौजूद इस टेलीस्कोप से सूरज के एक सनस्पॉट के पास के हिस्से को बेहद करीब से देखा। 

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इस दौरान वैज्ञानिकों ने सूरज की सतह पर छोटे-छोटे घूमते चुंबकीय भंवर देखें। वैज्ञानिकों ने बताया कि इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि सौर तूफान कैसे बनते हैं और सूरज की बाहरी परत कोरोना इतनी ज्यादा गर्म क्यों रहती है। उनका कहना है कि हमें सूरज दूर से शांत दिखाई देता है, लेकिन उसकी सतह पर हमेशा हलचल होती रहती है। 
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सूरज पर गर्म प्लाज्मा लगातार इधर-उधर बहता रहता है और चुंबकीय क्षेत्र में बदलाव होता है। उन्होंने कंप्यूटर सिमुलेशन और नई तस्वीरों को मदद से पहली बार इन छोटे-छोटे भंवरों को साफ देखा। वह मानते हैं कि इन्हीं भंवर की सूरज में चुंबकीय एनर्जी बनाने और फैलाने में अहम भूमिका होती है।
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वैज्ञानिकों ने एक प्रक्रिया को देखा, जिसे केल्विन-हेल्महोल्ट्ज अस्थिरता कहा जाता है। इसके निर्माण तब होता है, जब प्लाज्मा या गैस की दो धाराएं अलग-अलग रफ्तार से एक-दूसरे के पास से होकर गुजरती हैं। इससे छोट-छोटे घूमते हुए भंवरों का विकास होता है। इस तरह की प्रक्रिया पहले बादलों, समुद्र की लहरों और जूपिटर जैसे ग्रहों के वातावरण में देखी गई है, लेकिन सूरज पर इसे पहली बार इतनी स्पष्ट तस्वीरों में देखा गया है।

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क्या है सौर तूफानों से संबंध?

शोध के मुख्य लेखक और नेशनल सोलर ऑब्जर्वेटरी के वैज्ञानिक डॉ. डेविड कुरिड्जे ने बताया कि यह छोटे भंवर सूरज के चुंबकीय इलाकों को मोड़ते और उलझाते हैं। इससे चुंबकीय ऊर्जा इकट्ठा होती रहती है। बाद में जब यह ऊर्जा बाहर आती रहै, तो सौर तूफान और कोरोनल मास इजेक्शन जैसी घटनाएं घटती हैं। अगर यह पृथ्वी की तरफ आते हैं, तो सैटेलाइट, जीपीएस, रेडियो नेटवर्क और बिजली ग्रिड को प्रभावित करते हैं। वैज्ञानिकों लंबे से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर क्यों सूरज की बाहरी परत कोरोना, उसकी सतह से अधिक गर्म है। 

नए शोध में पता चला है कि यह छोटे भंवर बड़ी प्लाज्मा धाराओं को छोटे हिस्सों में बांटते हैं, जिससे ऊर्जा छोटे स्तर तक पहुंचती है और गर्मी के रूप में बाहर आती है। वैज्ञानिकों मानते हैं कि यह एक कोरोना के ज्यादा गर्म होने की बड़ी वजह हो सकती है। 

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