इस रेलवे स्टेशन पर मिल रहा हवा से बना पानी, एक लीटर की कीमत है मात्र पांच रुपये
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तकनीक की इस दुनिया में आज कुछ भी असंभव नहीं लगता है। वैज्ञानिकों ने लगभग हर चीज को संभव बना दिया है। अब तेलंगाना के सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन को ही देख लीजिए। यहां हवा से बनाया गया पानी बेचा जा रहा है। अगर आप बोतल सहित पानी को खरीदेंगे तो उसके लिए आपको आठ रुपये चुकाने पड़ेंगे जबकि अपनी बोतल में एक लीटर पानी आप मात्र पांच रुपये में ही ले सकते हैं।
रेलवे स्टेशन पर मिल रहा यह पानी मेघदूत तकनीक से बना है। जल शक्ति मंत्रालय की ओर से इस तकनीक को सेहत के अनुकूल और सुरक्षित घोषित किया गया है। दक्षिण सेंट्रल रेलवे की ओर से गुरुवार को सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर मशीन लगाई गई है, जिसका ऑटोमैटिक वॉटर जेनरेटर हर रोज 1000 लीटर पानी बनाता है, जिसे एक स्टील के टैंक में जमा किया जाता है। खास बात ये है कि यह टैंक पानी को खराब नहीं होने देता, उसे हमेशा ताजा बनाए रखता है।
हवा से पानी निकालने की इस मेघदूत तकनीक को मैत्री एक्वाटेक ने 'मेक इन इंडिया' के तहत विकसित किया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह मशीन पर्यावरण के अनुकूल है और हर मौसम में काम कर सकती है। इसके अलावा यह किसी भी तरह के पानी के स्रोत पर भी निर्भर नहीं है।
कैसे काम करती है यह मशीन?
हवा एक प्रणाली के माध्यम से मशीन में घुसती है और ये मशीन नमी से भरी हवा में मौजूद दूषित पदार्थों को छानती है। इसके बाद मशीन से छनकर निकलने वाली हवा एक शीतलन कक्ष (कूलिंग चैंबर) से होकर गुजरती है जिसमें हवा ठंडी होती है। यही ठंडी हवा पानी में बदल जाती है और बूंद-बूंद होकर टैंक में जमा होती है।
फिर इस पानी को कई स्तर पर फिल्टर किया जाता है। पानी को अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से गुजारा जाता है, जिससे पानी में मौजूद प्रदूषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और वो पीने लायक शुद्ध पानी बन जाता है।
Continuing its Pioneering role in environment conservation, SCR introduces first-of-its kind Atmospheric Water Generator with Remineralizer at #Secunderabad Rly station. The unit harvests drinking water from air and is another innovative step towards development of Green Railways pic.twitter.com/T3La7P0pIr
— SouthCentralRailway (@SCRailwayIndia) December 12, 2019