Science News: धरती पर पाए जाते थे 140 फीट लंबे सांप? 2000 साल पुराने रॉक आर्ट को देखकर वैज्ञानिक हैरान
पुरातत्वविदों की तरफ से वेनेजुएला और कोलंबिया में प्राचीन रॉक आर्ट की एक श्रृंखला को पूरी तरह से मैप किया गया है। इसके लिए उन्होंने फोटोग्राफी और ड्रोन फुटेज का इस्तेमाल किया है।
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Science News: दुनिया के रहस्यों को जानने के लिए वैज्ञानिक सालों से शोध कर रहे हैं। इन शोध के दौरान उन्हें कई बार ऐसी चीजें मिलती हैं, जिनको देखने के बाद वह हैरान हो जाते हैं। अब पुरातत्वविदों की तरफ से वेनेजुएला और कोलंबिया में प्राचीन रॉक आर्ट की एक श्रृंखला को पूरी तरह से मैप किया गया है। इसके लिए उन्होंने फोटोग्राफी और ड्रोन फुटेज का इस्तेमाल किया है। इस मैप में दुनिया की सबसे बड़ी स्मारकीय नक्काशी भी शामिल है।
यह उत्कृष्ट कृतियां मानव और पशु दोनों को रूपांकनों वाली हैं, जो ऊपरी और मध्य ओरिनोको नदी के किनारे मुख्य रूप से स्थित हैं। यह नदी दक्षिण अमेरिका के इस इलाकों से होकर बहती है। जर्नल एंटीक्विटी में चार जून को एक अध्ययन प्रकाशित किया गया था। इस अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ता मानते हैं कि इस स्थान को जानबूझकर रखा गया और यह दूर से देखने के लिए बनाया गया था। यह एक अहम व्यापार और यात्रा मार्ग के रास्ते पर था। इसको एट्यूर्स रैपिड्स के तौर पर जाना जाता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिलिप रीरिस ने बताया कि एक व्याख्या है कि कुछ पहलू क्षेत्रीयता का था। यह उनके क्षेत्र को चिह्नित करने और हमारा डोमेन है कहने का एक तरीका था। फिलिप रीरिस इंग्लैंड में बोर्नमाउथ विश्वविद्यालय में पुरातात्विक और पैलियोएनवायरनमेंटल मॉडलिंग में एक वरिष्ठ व्याख्याता और प्रमुख लेखक है।
शोधकर्ताओं को यह जानकारी नहीं है कि विशाल रॉक आर्ट का निर्माण किसने किया है। इनमें सबसे बड़ा रॉक आर्ट 138 फीट (42 मीटर) लंबा है। लेकिन वह जानते हैं कि कुछ विषय-वस्तु ने स्थानीय लोगों के मिथकों और मान्यताओं में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें बोआ कंस्ट्रिक्टर और एनाकोंडा जैसे सांपों पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
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फिलिप रीरिस का कहना है कि इस इलाके में रहने वाले लोगों के निर्माता देवता से एनाकोंडा और बोआ का संबंध था। उनके मुताबिक, सापों को जानलेवा होने के लिए जानते हैं। शायद यह उनके लिए बाहरी लोगों को चेतावनी देने का एक तरीका था। ताकि उनको पता चल जाए कि वह सांप के इलाके में प्रवेश कर रहे हैं।
शोधकर्ताओं का ध्यान मुख्य रूप से एक बड़े सांप की आकृति ने खींचा है, क्योंकि यह बीते उत्खनन के दौरान क्षेत्र में खोदे गए मिट्टी के बर्तन के टुकड़े पर उकेरे गए समान चित्र जैसा नजर आता था। अध्ययन के मुताबिक, इसमें सींग, एक सर्पिल पूंछ और रॉक आर्ट में दर्शाए गए सेरो पालोमाजोन सांप के समान एक अच्छी तरह से परिभाषित की गई जिगजैगत आकृति शामिल है।
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इतने हजार साल पुरान है रॉक आर्ट
रीरिस ने बताया कि पहाड़ियों में से एक पर एक गुफा से एक छोटा कशल बरामद किया गया है। इस पर एक समान सांप से सजाया गया है। उन्होंने संभावना जताई है कि किसी ने दीवारों में से एक पर जो देखा था, उसकी नकल की है। उनका कहना है कि मेरी आंतरिक भावना कहती है कि जिसने भी कलश का निर्माण किया है, वह रॉक आर्ट बनाने वाले का समकालीन है। अगर ऐसा है, तो मिट्टी के बर्तनों के आधार पर, रॉक आर्ट करीब 2,000 साल पुराना होगा। हालांकि, शोधकर्ताओं को पहले से ज्यादातर जगहों के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने मानचित्रण परियोजना के दौरान कई नए स्थानों को खोजा है।