{"_id":"5e4fa9f98ebc3ef3b036ac79","slug":"mysterious-stone-jars-of-laos-named-plain-of-jars","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"रहस्यमय पत्थर के वो मटके, जिनके बारे में वैज्ञानिक भी नहीं पता कर पाए आजतक","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
रहस्यमय पत्थर के वो मटके, जिनके बारे में वैज्ञानिक भी नहीं पता कर पाए आजतक
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Fri, 21 Feb 2020 03:44 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
प्लेन ऑफ जार
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
यह दुनिया रहस्यों से भरी पड़ी है, जिनके बारे में समय-समय पर हमें पता चलता रहता है। हालांकि दुनिया में आज भी ऐसी कई रहस्यमय चीजें हैं, जिनका रहस्य पता करने में वैज्ञानिक भी असफल साबित हुए हैं। ऐसा ही एक रहस्य एशियाई देश लाओस में है, जिसे 'प्लेन ऑफ जार' यानी 'जार का मैदान' कहते हैं। यहां बड़े-बड़े पत्थरों से बने हजारों रहस्यमय मटके मौजूद हैं, जो पूरी दुनिया को हैरान करते हैं।
2 of 5
प्लेन ऑफ जार
- फोटो : Social media
लाओस के शियांगखुआंग प्रांत में 90 से अधिक ऐसी जगहें हैं, जहां 400 से अधिक पत्थर के जार यानी मटके हैं। कई मटकों के ऊपर तो पत्थर के ढक्कन भी मिले हैं। बताया जाता है कि इन मटकों की ऊंचाई एक से तीन मीटर तक है।
3 of 5
प्लेन ऑफ जार
- फोटो : Social media
वियतनाम युद्ध के दौरान 1964 से 1973 के बीच अमेरिकी वायु सेना ने शियांगखुआंग प्रांत में 26 करोड़ से अधिक क्लस्टर बम गिराए थे। हालांकि इनमें से कई करोड़ ऐसे थे, जो फटे ही नहीं थे। पत्थरों के मटके वाले कई इलाकों में ये बम आज भी वैसे के वैसे ही पड़े हुए हैं। हालांकि कुछ जगहों से इन बमों को हटा लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
प्लेन ऑफ जार
- फोटो : Social media
पुरातत्वविदों का मानना है कि ये हजारों रहस्यमय पत्थर के बने मटके लौह युग के हैं। हालांकि उस समय ये क्यों बनाए गए थे, इसका रहस्य आज भी स्पष्ट नहीं है। लेकिन कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि शायद इनका इस्तेमाल अंतिम संस्कार के वक्त अस्थि कलश के तौर पर किया जाता होगा।
विज्ञापन
5 of 5
प्लेन ऑफ जार
- फोटो : Social media
इस रहस्यमय और अनोखी जगह को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिला है। लाओस की सरकार ने इसके लिए बहुत पहले आवेदन कर दिया था, जिसके बाद छह जुलाई 2019 को इसे विश्व के धरोहर स्थलों में शामिल किया गया।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।