Viral Video: हिमाचल में बही दूध की नदी? भारी बारिश के बाद लोगों को दिखा ऐसा नजारा, जानें क्या है सच्चाई
Viral Video: पहली नजर में लगता है जैसे वाकई पहाड़ों से दूध की नदियां बह रही हों। यह नजारा देखने में जितना खूबसूरत है, उसकी सच्चाई उतनी ही चौंकाने वाली है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश को लोग उसकी सुंदर वादियों, बर्फ से ढके पहाड़ों और ठंडी हवाओं के लिए जानते हैं। यहां की खूबसूरती हर किसी का दिल जीत लेती है। लेकिन इस बार हिमाचल किसी और वजह से चर्चा में है। यहां एक ऐसा नजारा सामने आया जिसे देखकर लोग दंग रह गए। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नदी का पानी सफेद दिखाई दे रहा है। पहली नजर में लगता है जैसे वाकई पहाड़ों से दूध की नदियां बह रही हों। यह नजारा देखने में जितना खूबसूरत है, उसकी सच्चाई उतनी ही चौंकाने वाली है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कराणा क्षेत्र की है। अचानक लोगों ने देखा कि खड्ड का सारा पानी दूध जैसा सफेद हो गया है। लोगों ने जब इसे देखा तो हैरान रह गए और इसे दूध की नदी कहने लगे। वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही छा गया और हर कोई यही सोचने लगा कि आखिर ऐसा कैसे हुआ।अब सवाल ये है कि क्या सच में वहां दूध की नदी बह रही थी? जवाब है कि नहीं। असलियत कुछ और ही थी। दरअसल पिछले कई दिनों से कुल्लू जिले में लगातार भारी बारिश हो रही थी। बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। स्कूल और दफ्तर बंद हो गए। सड़कें जगह-जगह बाधित हो गईं और कई इलाकों में बिजली तक पहुंचना मुश्किल हो गया। इसी वजह से कराणा दुग्ध समिति से दूध चिलिंग प्लांट तक नहीं पहुंच पाया।
“Dhoodh ki nadiyan” got real in Himachal Pradesh! Heavy rain and landslides caused power outage and road block at Karana Milk Collection Center, Kullu. 2000 liters of milk spoiled and was drained into the river. pic.twitter.com/FdYUrkPAv7
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) August 20, 2025
दूध को बहाया गया
समय पर दूध न पहुंचने के कारण वह खराब हो गया। बताया जाता है कि करीब दो हजार लीटर दूध जब बेकार हो गया तो उसे वापस समिति को लौटा दिया गया। खराब दूध को किसी काम में नहीं लाया जा सकता था, इसलिए उसे पास ही बहने वाले आनी खड्ड में बहा दिया गया। दूध जैसे ही पानी में घुला, पूरा नाला दूधिया सफेद दिखाई देने लगा। यही वजह थी कि लोगों को लगा कि नदी में दूध बह रहा है।
गांव के लोग भी अचरज में पड़ गए
इस नजारे ने कुछ पल के लिए सभी को चौंका दिया। गांव के लोग पहले इसे देखकर अचरज में पड़ गए और सोचने लगे कि आखिर यह कैसे हो सकता है। लेकिन बाद में जब असली वजह सामने आई तो सबको पता चला कि यह दूध की नदी नहीं, बल्कि खराब हुआ दूध था जो नाले में बहा दिया गया था। इस घटना से दुग्ध समिति को बड़ा आर्थिक नुकसान भी हुआ। करीब दो हजार लीटर दूध खराब होने से समिति को लगभग एक लाख रुपये का घाटा झेलना पड़ा।