Viral Video: जिंदा सांपों को चूमा और पकड़कर गले में लटकाया, बच्चों से लेकर बूढ़ों तक ने निकाली नागों की रैली
Viral Video: समस्तीपुर जिले के सिंघिया घाट पर हर साल नाग पंचमी के मौके पर एक विशेष मेला लगता है, जहां लोग जीवित सांपों की पूजा करते हैं। इस मेले में हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी सांपों को हाथों, गले और सिर पर रखकर उन्हें पूजते हैं।
विस्तार
बिहार अपनी सांस्कृतिक विरासत और अनोखे त्योहारों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां के त्योहारों में आस्था और परंपरा की गहरी झलक मिलती है। छठ पूजा को यहां का सबसे कठिन और पवित्र पर्व माना जाता है, लेकिन इसी राज्य में एक ऐसी परंपरा भी निभाई जाती है, जिसे सुनकर कई लोग चौंक जाते हैं और यह है सांपों की पूजा। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी त्योहार का एक वीडियो के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
समस्तीपुर जिले के सिंघिया घाट पर हर साल नाग पंचमी के मौके पर एक विशेष मेला लगता है, जहां लोग जीवित सांपों की पूजा करते हैं। इस मेले में हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी सांपों को हाथों, गले और सिर पर रखकर उन्हें पूजते हैं। यह परंपरा सदियों से यहां निभाई जा रही है। कुछ लोग सांपों को लकड़ी की छड़ी पर लपेटकर उन्हें लेकर घूमते दिखाई देते हैं। यहां सांपों को सिर्फ जंगली जीव नहीं, बल्कि पूज्य देवता माना जाता है। वायरल वीडियो में यह भी देखा गया कि कैसे लोग सांपों को अपने शरीर से लपेटकर पूरे मेले में घूमते हैं।
People need to be cautious while continuing old traditions....
— Dr Srinubabu Gedela (@DrSrinubabu) July 17, 2025
Snake festival in Bihar's Samastipur... happening fro the last 300 years during Nagapanchami. During the fair snake charmers take a dip in the river and come out with snakes in their hands. pic.twitter.com/l688OxsRdA
सांपों का त्योहार सुना है क्या
बताया जाता है कि यह परंपरा लगभग 300 साल पुरानी है। नाग पंचमी से पहले ही कुछ सप्ताह पहले लोग जंगल से सांपों को पकड़ लाते हैं। पूजा करने के बाद इन सांपों को वापस जंगल में छोड़ दिया जाता है। मेले के दौरान लोग सांपों के साथ ऐसे व्यवहार करते हैं, जैसे वे खिलौना हों। कोई उन्हें मुंह पर लपेटे घूमता है तो कोई करतब दिखाता है। इस आयोजन की शुरुआत घाट पर स्नान से होती है। श्रद्धालु पहले नदी में स्नान करते हैं, फिर माता का नाम लेकर दर्जनों सांपों को बाहर निकालते हैं और पूजा करते हैं। यह आयोजन मिथिला क्षेत्र की प्रसिद्ध धार्मिक परंपराओं में गिना जाता है।
वीडियो पर यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
इस पूरे आयोजन का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @Sandhyayadav_1 नाम के यूजर द्वारा साझा किया गया, जो काफी वायरल हो गया। इस वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया पर इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इस परंपरा को सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए इसकी सराहना की, जबकि कई यूजर्स ने जानवरों के प्रति इस व्यवहार पर आपत्ति जताई। एक यूजर ने लिखा, "दुख की बात है कि आज भी जानवरों को इस तरह कष्ट दिया जा रहा है।" वहीं किसी ने कहा, "सांपों के लिए यह स्थिति बहुत पीड़ादायक लगती है।" एक और ने मजाक में कहा, "हम अंग्रेजों से नहीं, अंग्रेज हमसे आजाद हुए हैं।"