भारत में बहुत ऐतिहासिक इमारतें हैं लेकिन कुछ मीनारे और इमारतें हैं जिनके विषय आपको जानकारी भी नहीं है। हम आपको एक ऐसे ही मीनार के बारे में बताएंगे जो रावण को समर्पित है। कहा जाता है की लंका नाम की ये मीनार दिल्ली के कुतुबमीनार के बाद सबसे ऊंचा मीनार है। जिसका निर्माण कराने वाला शख्स रामलीला में रावण की भूमिका निभाता था। जिसको रावण से इतना लगाव था कि उसने लंका नाम की मीनार ही बनवा डाला।
लंका मीनार उत्तर प्रदेश के जालौन में स्थित है जिसकी ऊंचाई 210 फिट है। जबकि कुतुबमीनार की उचाई 237 फिट है। इस मीनार का निर्माण 1875 में मथुरा प्रसाद ने करवाया था। इस मीनार को बनाने में 1 लाख 75 हजार रुपए की लागत लगी थी।
कहा जाता है कि, इस मीनार का निर्माण कराने वाले मथुरा प्रसाद रामलीला में रावण का किरदार निभाते थे, उन्हें रावण से इस कदर लगाव हो गया, कि उन्होने उनकी याद में लंका मीनार का ही निर्माण करा डाला।
इस मीनार के भीतर रावण के पूरे परिवार का चित्रण किया गया है। इस मीनार को बनाने में करीब 20 साल का समय लगा था। मीनार के सामने भगवान शिव की प्रतिमा इस तरह से लगाई गयी है जिससे रावण 24 घंटे उनके दर्शन कर सके।
कुतुबमीनार के बाद इसी मीनार को भारत की सबसे ऊंची मीनार का दर्जा दिया गया है। इस मीनार की खास बात यह है कि इसमें भाई-बहन का जाना निषेध है क्योंकि यहां सिर्फ पति-पत्नी ही एक साथ परिक्रमा कर सकते हैं।